Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryलहार की बरहा रोड पर सड़क निर्माण के दौरान नाला न बनाए जाने से रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हल्की बारिश में ही घरों के अंदर तक पानी भर जाता है, जिससे लोगों का सामान खराब हो रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-14d41d85
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलहार नगर के बरहा रोड पर पचपेड़ा तिराहा से राधेश्याम गार्डन तक रहने वाले लोग पिछले तीन साल से गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। आरोप है कि विकास कार्यों में तकनीकी लापरवाही और नगर परिषद की अनदेखी के कारण स्थानीयनिवासी हर बारिश में मुसीबत झेलने को मजबूर हैं। इलाके के लोगों का जीवन सड़क निर्माण की खामियों के चलते अस्त-व्यस्त हो गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteऊंची सड़क और अधूरा नाला बना जी का जंजाल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकरीબ तीन साल पहले नगर परिषद द्वारा इस सड़क के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया गया था। स्वीकृत योजना के मुताबिक सड़क के दोनों किनारों पर कंक्रीट का पक्का नाला बनाया जाना था। ठेकेदार ने सड़क तो बना दी लेकिन उसकी ऊंचाई आसपास बने मकानों के तल से काफी अधिक कर दी गई। इसके विपरीत, जल निकासी के लिए बेहद जरूरी नाले का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क के अत्यधिक ऊंचे होने और नाला न होने की वजह से बारिश का सारा पानी सीधे निचले इलाकों में बने घरों में भर जाता है। बरसात के दौरान घरों के कमरों, रसोई और आंगनों में पानी घुसने से लोगों का फर्नीचर, बिस्तर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और जरूरी कागजात खराब हो चुके हैं। रात के वक्त तेज बारिश होने पर स्थानीय परिवारों को पानी निकालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ती है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबाउंड्रीवॉल तोड़ी पर नहीं बना नाला Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय लोगों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि निर्माण कार्य के आखिरी चरण में नाले का काम शुरू करने के नाम पर कई घरों की बाउंड्रीवॉल तोड़ दी गई थी। इससे लोगों को अपनी संपत्ति का भी नुकसान झेलना पड़ा। रहवासियों में इस बात का गहरा आक्रोश है कि जब नाला बनाया ही नहीं जाना था, तो बिना वजह लोगों की दीवारें क्यों तोड़ी गईं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबरसात के दिनों में जलभराव के अलावा लोगों के सामने जहरीले जीवों का भी बड़ा खतरा मंडराता रहता है। पानी के साथ सांप और बिच्छू जैसी खतरनाक प्रजाति के जीव सीधे घरों के अंदर तक पहुंच जाते हैं, जिससे हर समय अनहोनी का डर बना रहता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनगर परिषद अध्यक्ष का बयान Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteबरहा रोड पर पक्के नाले का निर्माण कराया जाना है। इस संबंध में जल्द ही नगर परिषद के इंजीनियरों से चर्चा की जाएगी, ताकि लोगों को इस समस्या से निजात दिलाने के लिए नाले का काम जल्द से जल्द शुरू करवाया जा सके। - मिथलेश देवी, अध्यक्ष, नगर परिषद लहार Add text below Add image below