Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के मेंहगांव अतिरिक्त सत्र न्यायालय ने करीब 23 महीने पुराने हत्याकांड में फैसला सुनाया है। अदालत ने दोषी ब्रजेश सखवार को आजीवन कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-story-086d89f3
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के मेंहगांव क्षेत्र में लगभग 23 महीने पहले घटित हुए एक चर्चित हत्याकांड में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। कचनाव तिराहे पर उपजे विवाद के परिणामस्वरुप हुई बदन सिंह की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा मुकर्रर की है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफोन पर दी थी विवाद और मारपीट की जानकारी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 24 अक्टूबर 2024 की रात लगभग साढ़े नौ बजे की है। आरोपी ब्रजेश सखवार उर्फ फौजदार (23) ने शैलेन्द्र सिंह उर्फ शैलू कंसाना को फोन किया था। बातचीत के दौरान उसने कचनाव तिराहे पर बदन सिंह के साथ मारपीट करने की बात कबूल की थी और यह भी बताया था कि वह उसे सिलोली गांव की तरफ छोड़कर अपनी बाइक भी वहीं छोड़ आया है। इस घटनाक्रम के बाद से बदन सिंह अपने घर नहीं लौट सके थे। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुबह खाली प्लॉट में मिला था शव Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरातभर घर न लौटने के बाद अगली सुबह रामनारायण कौशल के मकान के पास स्थित एक खाली प्लॉट में बदन सिंह का शव बरामद हुआ था। मृतक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे, जिससे साफ जाहिर होता था कि किसी भारी वस्तु या हथियार से हमला किया गया है। छानबीन के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि घटना की रात लगभग साढ़े आठ बजे मृतक के भतीजे श्यामवीर ने सिलोली गांव के पास ब्रजेश की मोटरसाइकिल पर बदन सिंह को गोरमी की तरफ जाते हुए देखा था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिजनों और फरियादी की शिकायत पर गोरमी थाने की पुलिस ने तत्काल हत्या का मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी। पुलिस ने सभी जरूरी साक्ष्य जुटाने के बाद चार्जशीट न्यायालय में पेश की। अदालत में चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से ठोस सबूत और गवाह पेश किए गए, जिससे मामले की कड़ियां जुड़ती चली गईं। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले में अपर लोक अभियोजक देवेश शुक्ला ने अभियोजन की ओर से प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्यों और तर्कों का बारीकी से अध्ययन किया। इसके आधार पर मेंहगांव के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने ब्रजेश सखवार को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के अंतर्गत हत्या का दोषी ठहराया और उसे आजीवन कारावास के साथ पांच हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई। Add text below Add image below