Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryबिजली कंपनी द्वारा कनेक्शन काटे जाने के बाद से आलमपुर के 15 वार्डों में जलापूर्ति ठप है। करीब 35 दिनों से स्थानीय निवासी पीने के पानी के लिए खासे परेशान हो रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-84-35-b0b66821
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के आलमपुर नगर में जनता को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने के लिए बनाई गई जलावर्धन योजना इन दिनों गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और वित्तीय संकट के दौर से गुजर रही है। बिजली कंपनी द्वारा भारी-भरकम बकाया राशि के चलते फिल्टर प्लांट की बिजली काट दी गई है, जिससे पूरे इलाके में पानी की सप्लाई चरमरा गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकरीब 84 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्राप्त जानकारी के अनुसार, फिल्टर प्लांट का लगभग 84 लाख रुपए का बिजली बिल लंबे समय से जमा नहीं किया गया था। बिल का भुगतान न होने के कारण बिजली वितरण कंपनी ने यह कठोर कदम उठाते हुए प्लांट का कनेक्शन काट दिया। नतीजतन, बीती 29 अगस्त से फिल्टर प्लांट पूरी तरह बंद पड़ा है और इससे जुड़ी पानी की सप्लाई ठप हो गई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote35 दिन से 15 वार्डों के लोग जूझ रहे हैं पेयजल समस्या से Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफिल्टर प्लांट बंद होने के कारण नगर के 15 वार्डों के निवासियों को पिछले करीब 35 दिनों से नियमित जलापूर्ति का लाभ नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय नागरिकों वीरेंद्र सिंह और राकेश शर्मा ने बताया कि नगर परिषद फिलहाल वैकल्पिक तौर पर पुरानी पाइपलाइन के जरिए पानी देने का प्रयास कर रही है, लेकिन बिजली कटते ही वह व्यवस्था भी ठप हो जाती है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपानी की इस किल्लत के चलते आम जनता को अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए मजबूरन सार्वजनिक हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। गर्मी और उमस के इस दौर में पानी के लिए भटकना लोगों की सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकरोड़ों की लागत से शुरू हुई थी जलावर्धन योजना Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि आलमपुर में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए शासन स्तर पर लगभग 29 करोड़ रुपए की लागत से जलावर्धन योजना को अमलीजामा पहनाया गया था। इस योजना के तहत नगर में 29 किलोमीटर लंबी अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने के साथ ही 1,727 घरेलू नल कनेक्शन बांटे गए थे। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजल भंडारण के लिए साढ़े तीन-साढ़े तीन लाख लीटर क्षमता की दो विशाल टंकियों का निर्माण भी किया गया था। नगर से लगभग 25 किलोमीटर दूर ग्राम मिलक बसई में यह फिल्टर प्लांट स्थापित किया गया है, जहां से पानी को शुद्ध कर शहर तक पहुंचाया जाना था, लेकिन बिजली बिल के भुगतान में हुई चूक ने इस पूरी योजना के संचालन पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। Add text below Add image below