Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसड़कों और खेतों में घूमते गोवंश को लेकर भिंड जिला पंचायत ने कड़ा रुख अपनाया है। निरीक्षण के दौरान खामियां मिलने पर आठ सरपंचों को नोटिस जारी कर 15 सितंबर तक जवाब तलब किया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-8-de24e5c3
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में सड़कों, सार्वजनिक स्थलों और खेतों में खुलेआम घूम रहे गोवंश को लेकर जिला प्रशासन ने अब ग्राम पंचायतों की जवाबदेही तय करना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) वीरसिंह चौहान द्वारा औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें गंभीर लापरवाही सामने आई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआठ सरपंचों को थमाए गए नोटिस Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशुक्रवार को किए गए निरीक्षण के दौरान गोवंश के सड़कों पर भटकने और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आने के बाद आठ संबंधित सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सीईओ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय तक संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो उनके खिलाफ पद से हटाने की बड़ी कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिन-किन पंचायतों पर गिरी गाज Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन की इस कार्रवाई की जद में भिंड, लहार और रौन जनपद पंचायतों के अंतर्गत आने वाली पंचायतें शामिल हैं। जनपद पंचायत भिंड की मानपुरा पंचायत के सरपंच ओमवीर सिंह चौहान, बाराकलां की सरपंच ममता बघेल, ऊमरी के सरपंच वीरेंद्र सिंह यादव, ढोंचरा के सरपंच सुनील कुमार और खेरा श्यामपुरा की सरपंच प्रीति देवी को नोटिस मिला है। इसके अलावा लहार जनपद की लपवाहा पंचायत के सरपंच अरविंद शर्मा, ररी पंचायत की सरपंच सावित्री बाई और रौन जनपद की मेहदा पंचायत की सरपंच उमा देवी से भी जवाब मांगा गया है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन क्षेत्रों में गोवंश खुले में घूम रहा है, जिससे न केवल सड़क दुर्घटनाओं का अंदेशा बना रहता है बल्कि राहगीरों और किसानों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसे पदीय कर्तव्यों के प्रति उदासीनता माना गया है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quote15 सितंबर तक देना होगा साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजारी किए गए नोटिस में पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत संबंधित सरपंचों को पद से पृथक करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है। सभी आरोपित सरपंचों को 15 सितंबर को अपने साक्ष्यों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। तय समय सीमा में जवाब न मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि शासन स्तर पर इन पंचायतों में गोशालाओं का निर्माण कराया गया है और उनके संचालन, चारे-पानी तथा रखरखाव पर लाखों रुपए की राशि खर्च की जा रही है। इसके बावजूद गोशालाओं के खाली रहने और मवेशियों के सड़कों पर घूमने से स्थानीय स्तर की व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। Add text below Add image below