Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में बिना लाइसेंस और अमानक खाद बेचने के दो अलग-अलग मामलों में कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाया है। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सात आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-7-b7e79463
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के कृषि अंचल में इन दिनों अवैध और नकली उर्वरक का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है, जिस पर लगाम कसने के लिए कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले में बिना लाइसेंस के खाद बेचने और अमानक उर्वरक की सप्लाई के दो अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ है, जिसमें विभाग की शिकायत पर कुल सात लोगों के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसकराया गांव में बिना लाइसेंस के उतारी जा रही थी 600 बोरी खाद Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकृषि विभाग के अनुसार, गत 28 सितंबर को एक सूचना के आधार पर निरीक्षण दल ने सकराया गांव में छापा मारा था। यहां एक मकान पर ट्रक (एमपी 07 एचबी 8077) के जरिए 600 बोरी एपीएस खाद उतारी जा रही थी। ट्रक चालक हैदर अली ने पूछताछ में बताया कि यह खेप विशेष रूप से मंदसौर से मंगाई गई थी। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि यह खाद जवाहर लाल शर्मा के पते पर पहुंचनी थी, लेकिन भिंड जिले में उनके नाम से उर्वरक का कोई वैध लाइसेंस पंजीकृत नहीं पाया गया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले में अनधिकृत रूप से खाद का भंडारण और परिवहन करने पर जवाहर लाल शर्मा, सचिन दीक्षित, विजय बैरागी और नितिन छावड़ा के खिलाफ फूप थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम तथा उर्वरक नियंत्रण आदेश के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभारौली खुर्द में इफको की पैकिंग में मिली नकली डीएपी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरा मामला भारौली खुर्द गांव से जुड़ा है, जहां 8 अक्टूबर को विभाग को मिली गोपनीय सूचना के बाद औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रतिष्ठित इफको कंपनी की पैकिंग में 127 बोरी संदिग्ध और नकली डीएपी खाद बरामद हुई। स्थानीय किसान रमेश सिंह राजावत ने बताया कि जितेंद्र सिंह नामक व्यक्ति ट्रैक्टर (एमपी 30 जेजी 6728) में करीब 200 बोरी डीएपी भरकर अमायन कृषि उपज मंडी के पास खड़ा था और वहीं से किसानों को खाद बांटी जा रही थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकृषि विभाग ने इस कार्रवाई के दौरान मौके के वीडियो, फोटोग्राफ और प्रयोगशाला परीक्षण रिपोर्ट से जुड़े सभी साक्ष्य पुलिस को सौंप दिए। इसके आधार पर पुलिस ने जितेंद्र सिंह, राघवेंद्र बघेल और महादेव बघेल के खिलाफ भारौली थाने में धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखाद के असली सप्लायर का नाम छिपा रहे हैं आरोपी विक्रेता Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteकार्रवाई के दौरान पकड़े गए विक्रेताओं और बिचौलियों से जब इस बात की पूछताछ की गई कि मंदसौर से इतनी बड़ी मात्रा में खाद की सप्लाई उन्हें कौन कर रहा था, तो वे संतोषजनक जवाब देने से बचते नजर आए। आरोपी फिलहाल सप्लायर का नाम और उसका नेटवर्क उजागर करने को तैयार नहीं हैं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफिलहाल कृषि विभाग और पुलिस मिलकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध नेटवर्क के तार मंदसौर से लेकर भिंड तक कहां-कहां जुड़े हुए हैं। किसानों को इस रबी सीजन में गुणवत्तापूर्ण उर्वरक मिल सके, इसके लिए स्थानीय प्रशासन अंचलभर में खाद विक्रेताओं के स्टॉक और लाइसेंस की औचक जांच तेज कर रहा है। Add text below Add image below