Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryजिले के सरकारी स्कूलों में नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए चार महीने बीत जाने के बाद भी कक्षा पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को यूनीफाम नहीं मिल सकी है। टेंडर विवाद के कारण व्यवस्था बदलने से अब छात्रों के खातों में 600 रुपये भेजने की तैयारी है, लेकिन सत्यापन और बैंक खातों की तकनीकीCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-600-40ef1b76
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 1 से 8वीं तक के बच्चों को इस शैक्षणिक सत्र के चार महीने गुजर जाने के बावजूद अब तक स्कूल ड्रेस नसीब नहीं हो पाई है। पहले शासन स्तर पर बच्चों को सिली हुई यूनीफाम उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई थी, लेकिन टेंडर प्रक्रिया विवादों में उलझ गई। इसके बाद व्यवस्था में बदलाव करते हुए निर्णय लिया गया कि बच्चों के बैंक खातों में ड्रेस के लिए 600-600 रुपये की राशि भेजी जाएगी, लेकिन यह राशि भी अब तक छात्रों तक नहीं पहुंच सकी है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक लाख से अधिक बच्चों को मिलना है लाभ Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिलेभर में लगभग 1 लाख 81 हजार विद्यार्थियों को ड्रेस के एवज में 600 रुपये की सहायता राशि दी जानी है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जानी है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए जिले के सभी छह ब्लॉकों में विद्यार्थियों के डेटा का सत्यापन कार्य तेजी से कराया जा रहा है, जिसके तहत अब तक कुल 1,16,692 विद्यार्थियों का वेरिफिकेशन पूरा किया जा चुका है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसत्यापन कार्य में रौन ब्लॉक सबसे पीछे Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभिन्न ब्लॉकों में चल रहे सत्यापन कार्य की स्थिति पर नजर डालें तो रौन ब्लॉक इस मामले में सबसे पीछे चल रहा है, जहां 10,873 छात्रों में से केवल 85 फीसदी का ही सत्यापन हो पाया है। इसके मुकाबले अन्य ब्लॉकों की स्थिति बेहतर है, जिसमें भिंड ब्लॉक में 23,084 में से 90 प्रतिशत, अटेर में 16,966 में से 97 प्रतिशत, लहार में 17,811 में से 97 प्रतिशत, गोहद में 20,872 में से 97 प्रतिशत और मेहगांव में 24,216 विद्यार्थियों में से 93 प्रतिशत का सत्यापन कार्य पूरा किया जा चुका है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैंक खातों के अपटेड न होने से आ रही दिक्कत Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteड्रेस की राशि वितरण में सबसे बड़ी बाधा विद्यार्थियों के बैंक खातों का अपडेट न होना है। जिले में करीब 3 हजार विद्यार्थियों के बैंक खाते या तो अपडेट नहीं हैं या उनमें तकनीकी समस्याएं बनी हुई हैं। इनमें अकेले भिंड के 1,182, रौन के 443, मेहगांव के 424, लहार के 345, गोहद के 317 और अटेर के 272 विद्यार्थियों के बैंक खाते शामिल हैं, जिन्हें सुधारने का प्रयास किया जा रहा है। Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteड्रेस के लिए राशि वितरण की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। छात्रों के वेरिफिकेशन और बैंक खातों की जानकारी व्यवस्थित करने का काम जारी है। - शिवब्रह्म सिंह जादौन, डीपीसी, जिला शिक्षा केंद्र Add text below Add image below