Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले के मिरचोली और जवासा गांवों में क्वारी नदी का पानी उतरने के बाद फसलों की बर्बादी सामने आई है। करीब आठ दिनों तक पानी में डूबे रहने से लगभग 500 बीघा में बोई गई फसलें सड़ चुकी हैं, जिससे ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-500-19162c8c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले के ग्रामीण इलाकों में क्वारी नदी की बाढ़ का कहर थमने के बाद अब भारी नुकसान की तस्वीरें सामने आ रही हैं। नदी का जलस्तर कम होने के बाद मिरचोली और जवासा गांवों के खेतों में सड़ी हुई फसलें और कीचड़ की मोटी परतें दिखाई दे रही हैं, जिससे अन्नदाताओं की मुश्किलें बढ़ गई हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआठ दिनों तक टापू बने रहे गांव, आवागमन रहा ठप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला मुख्यालय के करीब स्थित मिरचोली गांव में क्वारी नदी का पानी लगभग आठ दिनों तक जमा रहा। इस दौरान गांव के मुख्य रास्ते पूरी तरह बंद हो गए और इलाका टापू में तब्दील हो गया। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरी चीजों और इलाज के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। पानी के भारी फैलाव के कारण सामान्य जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त रहा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote500 बीघा से अधिक कृषि भूमि पर फसलों का नुकसान Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमिरचोली के करीब 150 परिवारों की 500 बीघा से ज्यादा कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में आ गई। किसानों के खेतों में ज्वार, बाजरा, उड़द, मूंग और अरहर की फसलें खड़ी थीं, जो लंबे समय तक पानी में डूबे रहने के कारण पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। कई किसानों ने कर्ज लेकर खाद और बीज की व्यवस्था की थी, लेकिन फसल बर्बाद होने से उनकी आर्थिक कमर टूट गई है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजवासा गांव में भी हालात कमोबेश ऐसे ही हैं। यहां न सिर्फ खेत डूबे बल्कि पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे घरेलू सामान और गृहस्थी का अन्य सामान भी खराब हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले चार-पांच सालों से हर बारिश के सीजन में क्वारी नदी इसी प्रकार उफनती है और उनके खेतों व घरों को नुकसान पहुंचाती है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसड़ती फसलों की दुर्गंध से बीमारी फैलने का अंदेशा Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपानी उतरने के बाद अब खेतों से उठने वाली तीव्र दुर्गंध हवा के जरिए गांवों तक पहुंचने लगी है। जगह-जगह पानी के जमा रहने और फसल के गलने के कारण ग्रामीण अब संक्रमण और बीमारियों के फैलने को लेकर चिंतित हैं। किसानों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस नुकसान का आकलन करे ताकि उन्हें उचित राहत मिल सके। Add text below Add image below