Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड जिले में 'ऑरोराएक्स' नाम के फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए एक हजार से अधिक निवेशकों के करोड़ों रुपए फंस गए हैं। 13 अक्टूबर से इस प्लेटफॉर्म पर पैसों की निकासी पूरी तरह बंद कर दी गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-40-73bce102
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में रातों-रात अमीर बनने की चाह और रोजाना चार प्रतिशत मुनाफे के झांसे में आकर सैकड़ों लोग ठगी का शिकार हो गए हैं। ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर सक्रिय 'ऑरोराएक्स' (AuroraEx) नामक फर्जी प्लेटफॉर्म पर जिले के एक हजार से ज्यादा निवेशकों ने अपनी गाढ़ी कमाई लगा दी है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविड्रॉल बंद होने से निवेशकों की बढ़ी धड़कनें Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अवैध ट्रेडिंग नेटवर्क में पिछले कुछ दिनों से संकट गहरा गया है। प्लेटफॉर्म पर बीते 13 अक्टूबर से निवेशकों के पैसों का विड्रॉल यानी निकासी पूरी तरह बंद कर दी गई है। इसके चलते निवेशकों की नींद उड़ गई है। कंपनी का प्रबंधन अब मेंटेनेंस का बहाना बना रहा है और 22 अक्टूबर से दोबारा भुगतान शुरू होने का झूठा दावा कर रहा है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइस तरह फैलाया गया जाल Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपड़ताल में सामने आया है कि 'ऑरोराएक्स' कोई वैध ऐप नहीं है। यह गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर उपलब्ध नहीं है, बल्कि इसे सीधे एक संदिग्ध वेबसाइट के जरिए डाउनलोड कराया जाता है। निवेशकों से मोबाइल नंबर, पहचान पत्र और पैन कार्ड लेकर उनकी आईडी बनाई जाती थी। इसके बाद बाइनेंस ऐप के माध्यम से भारतीय रुपए को डॉलर में बदलकर निवेश कराया जाता था। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteठगी करने वालों ने व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए लोगों को 40 दिन में पैसा दोगुना करने का लालच दिया। इसके अलावा एआई ऑटो ट्रेडिंग और आठ प्रतिशत कमीशन वाले चेन सिस्टम का प्रलोभन देकर तेजी से नए लोगों को इस जाल में फंसाया गया। इसी तरह का पैटर्न झारखंड के दुमका जिले में भी अपनाया गया था, जहां चार हजार से अधिक लोगों के साथ ठगी हो चुकी है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस प्रशासन की चेतावनी Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteयह मामला हमारे संज्ञान में है, जिसके चलते जन-जागरूकता के लिए वीडियो भी जारी किए गए हैं। फिलहाल हमारे पास कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। यदि पीड़ित थाने आकर शिकायत दर्ज कराते हैं, तो तत्काल एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - सूरज वर्मा, पुलिस अधीक्षक (एसपी), भिंड Add text below Add image below