Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryभिंड के देहात थाना क्षेत्र में आर्म्स एक्ट के पुराने मामले में 18 साल से फरार चल रहे दस हजार रुपए के इनामी आरोपी को पुलिस ने धर दबोचा। दिलचस्प बात यह है कि पुलिस जिसे तलाश रही थी, वह थाने से मात्र नौ किलोमीटर दूर अपने ही घर में रह रहा था।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-18-10-cf7c1468
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग दो दशक से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को शिकंजे में ले लिया है। पुलिस रिकॉर्ड में आरोपी लंबे समय से फरार दर्ज था, लेकिन वह अपने पैतृक आवास पर ही निवास कर रहा था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसाल 2000 में दर्ज हुआ था आर्म्स एक्ट का प्रकरण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला वर्ष 2000 का है। बिचपुरी निवासी प्रीतम भदौरिया पुत्र बलवीर सिंह भदौरिया के खिलाफ थाना देहात में अपराध क्रमांक 177/2000 पंजीबद्ध किया गया था। आरोपी पर अवैध हथियार रखने के आरोप में आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत कार्रवाई की गई थी। अदालत द्वारा स्थायी वारंट जारी किए जाने के बाद से ही वह पुलिस की गिरफ्त से दूर था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteथाने से नौ किलोमीटर की दूरी पर काट रहा था दिन Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफरार रहने के दौरान पुलिस ने उसकी तलाश में कई बार दबिश दी और मुखबिरों को भी सक्रिय किया, मगर उसका कोई सुराग नहीं मिला। आरोपी की लगातार अनुपस्थिति को देखते हुए भिंड पुलिस अधीक्षक की तरफ से उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस जिस व्यक्ति को पिछले 18 साल से तलाशने का दावा कर रही थी, वह थाने से महज नौ किलोमीटर की दूरी पर अपने घर में ही रह रहा था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफाइलें खुलीं तो सामने आया सच, फोन पर दी गई हिदायत Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाल ही में थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत ने इलाके के पुराने लंबित मामलों की फाइलों को दोबारा खंगालना शुरू किया। इसी छानबीन के दौरान प्रीतम भदौरिया का यह पुराना मामला सामने आया। पुलिस टीम ने जब नए सिरे से पड़ताल की, तो पता चला कि आरोपी आसपास ही मौजूद है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके बाद पुलिस ने तकनीकी माध्यमों और फोन के जरिए उससे संपर्क साधा और उसे थाने में हाजिर होने के लिए कहा। पुलिस के बुलावे पर आरोपी अगले ही दिन स्वयं थाने पहुंच गया। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय के आदेश पर भेजा गया जेल Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteथाना प्रभारी शिवप्रताप सिंह राजावत ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि 10 हजार रुपए के इनामी और 18 साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी प्रीतम भदौरिया को औपचारिक गिरफ्तारी के बाद अदालत में पेश किया गया। न्यायालय के निर्देशानुसार आरोपी को फिलहाल जेल भेज दिया गया है। Add text below Add image below