Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryलंबे समय से शासकीय स्कूलों में शिक्षण कार्य करा रहे अतिथि शिक्षकों ने नौकरी की अनिश्चितता के विरोध में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने हरियाणा की तर्ज पर प्रदेश में भी नीति लागू करने की मांग दोहराते हुए चेतावनी दी है कि सुनवाई न होने पर भोपाल में उग्र आंदोलन किया जाएगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-12-1169465a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनौकरी की अनिश्चितता को लेकर फूटा गुस्सा Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में पिछले करीब 18 वर्षों से शासकीय विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा और स्थायित्व को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज उठाई। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन स्थानीय प्रशासन के अधिकारी एसडीएम महेंद्र सिंह सौजन्या को सौंपा। शिक्षकों का कहना था कि इतने लंबे समय से सेवा देने के बावजूद हर नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में उनके भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रहती है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहरियाणा मॉडल लागू करने और मानदेय बढ़ाने की मांग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअतिथि शिक्षक संघ के प्रतिनिधियों ने मांग रखी कि हरियाणा राज्य की तर्ज पर मध्यप्रदेश में भी अतिथि शिक्षकों के लिए 12 महीने का सेवाकाल सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्हें 62 वर्ष की आयु तक के लिए सेवा सुरक्षा और स्थायित्व का लाभ दिया जाए, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिक्षकों ने यह भी मांग उठाई कि पूर्व में जो शिक्षक काम कर रहे थे और वर्तमान में जो सेवा से बाहर हो चुके हैं, उन्हें उनके अनुभव को प्राथमिकता देते हुए दोबारा कार्य पर लौटने का अवसर प्रदान किया जाना चाहिए। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसमय पर मानदेय और अवकाश की मांग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन के माध्यम से यह भी याद दिलाया गया कि शिक्षा मंत्री की घोषणा के अनुसार 13 आकस्मिक अवकाश के आदेश तत्काल प्रभाव से जारी किए जाएं। इसके अलावा, मानदेय राशि को दोगुना करने और हर महीने की आगामी 5 तारीख तक मानदेय का भुगतान खातों में सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभोपाल में आंदोलन की चेतावनी Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअतिथि शिक्षकों ने राज्य सरकार को उनकी मांगों पर उचित निर्णय लेने के लिए एक सप्ताह का समय दिया है। संगठन की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि तय अवधि के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकाला गया, तो राजधानी भोपाल में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा तथा आजाद स्कूल अतिथि शिक्षक संघ के तमाम पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। Add text below Add image below