Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryबिहार की रहने वाली नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी सत्यप्रकाश उसे कानपुर ले जाने के बहाने साथ ले गया था, जिसके बाद उसका शव बरामद करने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/bhind-10-a13df5b1
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड जिले में सामने आए नर्सिंग ऑफिसर स्नेहलता हत्याकांड में लगातार नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। बिहार की रहने वाली मृतका को शायद इस बात की भनक तक नहीं थी कि जिस शख्स को उसने जीवनसाथी माना और जिसके साथ वह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी, वही उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। दोनों का 10 महीने का एक बेटा भी है जिसका नाम बाबुआ है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपरिवार के सामने ही छोड़ गई थी मासूम को Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिसिया तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि आरोपी सत्यप्रकाश की मां और उसकी पहली पत्नी दोनों ही इस रिश्ते से वाकिफ थीं। मृतका स्नेहलता सत्यप्रकाश के घर पर सभी के साथ सामान्य व्यवहार करती थी। वह आरोपी की मां को सास मानती थी और उसकी पहली पत्नी को दीदी कहकर संबोधित करती थी। जब भी स्नेहलता को रात्रि ड्यूटी पर जाना होता था, वह अपने 10 महीने के बच्चे को सत्यप्रकाश की मां और पहली पत्नी के पास सुरक्षित छोड़ जाती थी। यही कारण है कि घटना वाले दिन यानी 8 अक्टूबर को भी उसने बच्चे को उनके सुपुर्द करते वक्त किसी खतरे की आशंका नहीं जताई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकानपुर ले जाने का झांसा देकर दिया वारदात को अंजाम Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस के अनुसार 8 अक्टूबर की शाम सत्यप्रकाश अपने साथी राजवीर खन्ना और अन्य दोस्तों के साथ कार लेकर पहुंचा था। उसने स्नेहलता से कॉलेज के प्रचार-प्रसार और एडमिशन के सिलसिले में कानपुर चलने को कहा। भरोसे में आकर वह उसके साथ जाने के लिए तैयार हो गई। आरोप है कि रास्ते में गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई और शव को पचनदा इलाके में ठिकाने लगा दिया गया। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबच्चे की सुरक्षा को लेकर नाना ने जताई चिंता Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के बाद मृतका के पिता संजय पांडेय ने अपने 10 महीने के नाती बाबुआ की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की थी। नाना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मासूम को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सुपुर्द कर दिया। शनिवार को बच्चे को समिति के समक्ष पेश किया गया। अब सीडब्ल्यूसी यह तय करेगी कि बच्चे को उसके नाना-नानी को सौंपा जाए या सत्यप्रकाश के परिवार के पास रखा जाए। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशव की तलाश के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की मदद Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड पुलिस उत्तर प्रदेश के इटावा और जालौन प्रशासन के सहयोग से पचनदा व आसपास के जलीय क्षेत्रों में स्नेहलता के शव की तलाश कर रही है। शनिवार को यमुना नदी में एक अन्य महिला का शव मिला था, जिसकी शिनाख्त स्नेहलता के रूप में नहीं होने पर उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया। अब पुलिस ने विशेष उपकरणों और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ टीमों की मदद से अगले तीन दिनों तक सर्च अभियान को और तेज करने का निर्णय लिया है। इस मामले में चार आरोपियों को नामजद किया गया है जबकि अन्य की तलाश जारी है। Add text below Add image below