Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के मुंगावली में दशलक्षण महापर्व के समापन के बाद क्षमावाणी पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान लोगों ने गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे से उत्तम क्षमा मांगी और समाज में आपसी सौहार्द का संदेश दिया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-e7b74bd0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के मुंगावली क्षेत्र में दिगंबर जैन समाज का दशलक्षण महापर्व पूरी आस्था, भक्ति और उल्लास के माहौल में संपन्न हुआ। पर्व के समापन के बाद रविवार को क्षमावाणी पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रावक और समाजजन शामिल हुए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआपसी गिले-शिकवे भुलाकर मांगी उत्तम क्षमा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षमावाणी के इस पवित्र अवसर पर लोगों ने एक-दूसरे के सामने हाथ जोड़कर जाने-अनजाने में हुई गलतियों और भूलों के लिए उत्तम क्षमा मांगी। इस दौरान केवल जैन समाज ही नहीं, बल्कि समाज के अन्य वर्गों के लोग भी आपसी गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे के गले मिले और भाईचारे का संदेश दिया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमोबाइल और इंटरनेट के इस दौर में सोशल मीडिया पर भी पूरे दिन क्षमावाणी पर्व की बधाइयों और शुभकामना संदेशों का तांता लगा रहा। लोगों ने एक-दूसरे को संदेश भेजकर क्षमादान की इस परंपरा को आगे बढ़ाया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबच्चों और युवाओं ने की कठिन धर्म साधना Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदशलक्षण पर्व के पावन दिनों में नगर के कई धर्मप्रेमियों ने दस उपवास यानी मासखमण की कठिन तपस्या और साधना की। वहीं, अनंत चतुर्दशी और पर्व के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में छोटे-छोटे बच्चों ने भी निर्जला उपवास रखकर अपनी धार्मिक निष्ठा की अनूठी मिसाल पेश की। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंत निवास परिसर में इस दौरान सामूहिक शांतिनाथ विधान का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान एक विशेष क्षण तब आया जब शांतिधारा का शुद्ध वाचन एक छोटे बालक सानिध्य सराफ द्वारा किया गया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनन्हें बालक के मंत्रोच्चार से अचंभित हुए श्रद्धालु Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबालक सानिध्य सराफ ने जिस स्पष्टता, लयबद्धता और शुद्ध उच्चारण के साथ संस्कृत के कठिन श्लोकों और मंत्रों का वाचन किया, उसने वहां मौजूद सभी श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर दिया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अवसर पर समाज के अध्यक्ष रूपेश जैन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज और मुनि श्री सुधासागर जी महाराज की पावन प्रेरणा का ही प्रभाव है कि आज के बच्चे नियमित रूप से पाठशाला जाकर धार्मिक संस्कार ग्रहण कर रहे हैं और विभिन्न मंचों के माध्यम से धर्म की प्रभावना कर रहे हैं। Add text below Add image below