Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र स्थित महोली गांव में रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा को प्रशासन ने पुनः उसी स्थान पर स्थापित कर दिया है। प्रतिमा हटाए जाने के कारण पिछले तीन दिनों से लगातार विरोध प्रदर्शन और चक्काजाम चल रहा था।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-e63fc85c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहोली गांव में तीन दिन बाद बनी सहमति Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के चंदेरी अंतर्गत आने वाले महोली गांव में वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा को लेकर चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। प्रशासन ने स्थानीय लोगों की मांग और बढ़ते विरोध को देखते हुए प्रतिमा को उसी स्थान पर दोबारा स्थापित कर दिया है, जहां से उसे हटाया गया था। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशुक्रवार सुबह सड़क पर जुटा भारी जनसैलाब Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशुक्रवार सुबह से ही महोली चौराहे पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। लोगों के सड़क पर उतरने से यातायात बाधित हो गया और जाम की स्थिति बन गई। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रदर्शन में क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और नेता शामिल हुए। इनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व सांसद गंगाचरण सिंह राजपूत, पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी, चंदेरी विधायक जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव और भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक तिवारी प्रमुख रूप से मौजूद रहे। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविधायकों और नेताओं की मौजूदगी में हुआ फैसला Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआंदोलन के दौरान पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने स्पष्ट रूप से मांग उठाई थी कि रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा को उसी स्थान पर वापस लाया जाए। बढ़ते विरोध और जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते प्रशासन ने जनता की मांग को स्वीकार करते हुए प्रतिमा को पुनः स्थापित करने का निर्णय लिया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि प्रतिमा हटाने के मामले की पूरी जांच की जाएगी और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quote10 अगस्त की रात से शुरू हुआ था पूरा घटनाक्रम Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे विवाद की शुरुआत 10 अगस्त की रात को हुई थी, जब कुछ स्थानीय लोगों ने महोली तिराहे पर वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा स्थापित की थी। हालांकि, जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अमले ने कार्रवाई करते हुए प्रतिमा को वहां से जब्त कर लिया था। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में 12 अगस्त से लगातार प्रदर्शन का दौर जारी था। आंदोलन के उग्र होने पर कुछ लोग विरोध स्वरूप मोबाइल टावर पर भी चढ़ गए थे। आखिरकार तीन दिन के संघर्ष और प्रशासनिक समझौते के बाद शुक्रवार को स्थिति सामान्य हो सकी। Add text below Add image below