Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryपिपरई क्षेत्र के दो पीड़ित परिवारों ने जमीन पर अवैध कब्जे और प्रताड़ना के विरोध में कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच कर जल्द कब्जा हटाने का आश्वासन दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-de917ba2
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्ट्रेट गेट पर दिया धरना Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के पिपरई इलाके में जमीनी विवाद और अतिक्रमण से जुड़े मामलों को लेकर गुरुवार को दो अलग-अलग परिवारों ने जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दंपतियों ने गेट पर अनिश्चितकालीन हड़ताल का बैनर भी तान दिया, जिस पर स्थानीय नेताओं और दबंगों द्वारा प्रताड़ित करने तथा जमीनों पर जबरन कब्जा करने के गंभीर आरोप लिखे गए थे। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहला मामला: न्यायालय के स्थगन के बावजूद निर्माण का आरोप Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपहले मामले में 71 वर्षीय बुजुर्ग विमल कुमार जैन ने आरोप लगाया कि सर्वे नंबर 661 की शामिलाती जमीन पर ब्रजभान सिंह और गौतम सिंह समेत अन्य लोग अवैध निर्माण कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस जमीन का विवाद अदालत में विचाराधीन है और न्यायालय से स्थगन आदेश भी प्राप्त है, इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी है। धरने की भनक लगते ही पिपरई तहसीलदार रोहित रघुवंशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए घटनास्थल की स्थिति दिखाकर स्पष्ट किया कि फिलहाल वहां कोई निर्माण नहीं हो रहा है और साथ ही जमीन से कब्जा हटवाने का भरोसा दिलाया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरा मामला: तार फेंसिंग कर रास्ता और खेत का आगे का हिस्सा रोकने का दावा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं दूसरे मामले में सलीम अजीज और अनसार हारून ने सर्वे नंबर 227 की जमीन पर लंबे समय से अपना आधिपत्य होने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फारूक खां, इश्तयाक खां, असफाक खां और आफाक खां ने तार फेंसिंग कर उनकी जमीन का अगला हिस्सा कब्जा लिया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय सांसद प्रतिनिधि लाखन कटारिया के करीबी इस पूरे कृत्य में शामिल हैं। पीड़ितों के मुताबिक इस बारे में कई बार शिकायत की जा चुकी है और केंद्रीय मंत्री सिंधिया के कार्यालय से भी समाधान पत्र आ चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर राहत नहीं मिली। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदोनों पक्षों की शिकायतें सुनने के बाद तहसीलदार रोहित रघुवंशी ने आश्वासन दिया कि सभी बिदुंओं पर बारीकी से जांच की जाएगी। प्रशासन ने दोनों ही मामलों में वैधानिक प्रक्रिया अपनाते हुए अवैध कब्जे को शीघ्र हटवाने की बात कही है, जिसके बाद धरने पर बैठे परिवारों को शांत कराया गया। Add text below Add image below