Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमौसम बदलने और दूषित खानपान के कारण अशोकनगर जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई है। हालात यह हैं कि निर्धारित क्षमता से अधिक मरीज मिलने के कारण उन्हें फर्श और गैलरी में इलाज कराना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-d6374eaf
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले में इन दिनों मौसम के मिजाज और खान-पान में गड़बड़ी के चलते मौसमी बीमारियों ने पैर पसार लिए हैं। जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त और तेज बुखार से पीड़ित मरीजों का तांता लगा हुआ है। मरीजों की अचानक हुई इस बंपर आवक से अस्पताल प्रबंधन के इंतजाम कम पड़ गए हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहिला और पुरुष वार्ड में तय क्षमता से अधिक एडमिशन Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल के वार्डों की स्थिति बेहद दयनीय हो चली है। महिला वार्ड की कुल क्षमता महज 40 बिस्तरों की है, लेकिन वर्तमान में यहां 74 मरीज भर्ती हैं। स्थिति इतनी विकट है कि कई महिलाओं और बच्चियों को जमीन पर गद्दे डालकर ड्रिप लगवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुरुष वार्ड का हाल भी इससे जुदा नहीं है। चालीस बेड वाले इस वार्ड में लगभग 100 मरीजों को भर्ती किया गया है। पलंग पूरी तरह भर जाने की वजह से अब अस्पताल की गैलरी में ही गद्दे लगाकर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगैलरी में रात बिताने को मजबूर परिजन Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवार्डों में जगह की कमी और मरीजों की अधिकता के कारण अस्पताल परिसर की गैलरियों में ही बिस्तर लगाए गए हैं। मरीज और उनके तीमारदार इन्हीं गैलरी में रहकर इलाज कराने और रात गुजारने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। Add text below Add image below