Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के तूमैंन गांव में मंगलवार रात अघोषित बिजली कटौती से गुस्साए ग्रामीणों ने पावर हाउस का घेराव कर प्रदर्शन किया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोग शांत हुए और चेतावनी दी कि व्यवस्था में सुधार न होने पर आंदोलन दोबारा होगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-bafe7f87
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के तूमैंन गांव में मंगलवार की रात बिजली की आंख मिचौनी से परेशान ग्रामीणों का सब्र आखिरकार टूट गया। क्षेत्र में हो रही बार-बार की बिजली कटौती के विरोध में आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के सौ से ज्यादा ग्रामीण एकजुट होकर स्थानीय पावर हाउस जा पहुंचे और वहां घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलोड शेडिंग के नाम पर घंटों गुल रहती है बिजली Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के दिन और रात के समय लगातार आपूर्ति बाधित की जा रही है। लोड शेडिंग का हवाला देकर कभी एक-दो घंटे तो कभी तीन से चार घंटे तक बिजली बंद रख दी जाती है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबिजली कटौती का सबसे बुरा असर किसानों और विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। किसानों को अपने खेतों में समय पर सिंचाई करने के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, शाम और रात के वक्त बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने उठाए दोहरे रवैये पर सवाल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान किसानों और स्थानीय लोगों ने विभाग के अधिकारियों से तीखे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि बिजली कटौती का यह संकट सिर्फ ग्रामीण इलाकों में ही क्यों देखने को मिलता है, जबकि शहरी क्षेत्रों में सुचारू रूप से आपूर्ति जारी रहती है। Add text below Add image below07Quote Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों का आरोप था कि शहरों में वीवीआईपी और अधिकारी निवास करते हैं, इसलिए वहां बिजली बंद नहीं होती, जबकि गांवों की जनता को घंटों अंधेरे में रहने के लिए मजबूर किया जाता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों के समझाने के बाद माने लोग Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहंगामे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे बिजली विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब अघोषित कटौती नहीं की जाएगी और जल्द ही क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास किए जाएंगे। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों की तरफ से मिले इस आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और पावर हाउस का घेराव समाप्त किया। हालांकि, उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति में सुधार नहीं किया गया, तो वे भविष्य में इससे भी बड़ा उग्र प्रदर्शन करेंगे। Add text below Add image below