Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के नईसराय में बस स्टैंड के पास हुई रमेश रजक की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने चारों दोषियों को आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-936b65f1
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के नईसराय थाना क्षेत्र के अंतर्गत डेढ़ साल पहले हुए बहुचर्चित रमेश रजक हत्याकांड में स्थानीय अदालत ने कठोर निर्णय दिया है। न्यायालय ने मामले में संलिप्त पाए गए चारों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर दो-दो हजार रुपये का आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबीच-बचाव करने पर हुआ था जानलेवा हमला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह खौफनाक वारदात 19 फरवरी 2025 को सामने आई थी, जिसकी रिपोर्ट अभिषेक रजक द्वारा दर्ज कराई गई थी। वादी के अनुसार, नईसराय बस स्टैंड स्थित प्रतीक्षालय के समीप विट्टू उर्फ चंचल कुशवाह, विनोद उर्फ कल्ला कुशवाह, कमल कुशवाह और मुकेश कुशवाह आपस में उलझ रहे थे। जब अभिषेक के चाचा रमेश रजक ने वहां पहुंचकर उन्हें झगड़ा करने से मना किया और शांत रहने की नसीहत दी, तो स्थिति बिगड़ गई। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसमझाइश देने से गुस्साए आरोपियों ने रमेश रजक के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने पूर्व नियोजित साजिश की तरह कुल्हाड़ी, लोहे के सरिए और लाठी-डंडों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस गंभीर मारपीट में रमेश रजक की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवैज्ञानिक साक्ष्यों और त्वरित विवेचना से मिला न्याय Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए एफआईआर दर्ज की और मामले की जांच शुरू की। तत्कालीन थाना प्रभारी व उप निरीक्षक पुनीत दीक्षित ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गवाहों के बयान दर्ज किए और वैज्ञानिक साक्ष्यों का संकलन किया। एफएसएल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर मुआयना किया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए थे और समयबद्ध तरीके से चार्जशीट कोर्ट में पेश की। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअतिरिक्त सत्र न्यायालय का फैसला Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने 14 अगस्त 2026 को इस सनसनीखेज मामले में अंतिम फैसला सुनाया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर विट्टू उर्फ चंचल कुशवाह, विनोद उर्फ कल्ला कुशवाह, कमल कुशवाह और मुकेश कुशवाह को दोषी करार दिया। चारों को आजीवन कारावास की सजा के साथ दो-दो हजार रुपये का जुर्माना भुगतने के निर्देश दिए गए हैं। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस त्वरित न्याय प्रक्रिया में लोक अभियोजक अविनाश लोधी, आशुतोष लोधी, नईसराय थाना प्रभारी उप निरीक्षक आशुतोष गुप्ता और विवेचक पुनीत दीक्षित समेत अन्य पुलिस अमले की भूमिका अहम रही। गौरतलब है कि घटना के बाद रजक समाज ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपने के साथ गांधी पार्क में जोरदार प्रदर्शन भी किया था, जिसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ था। Add text below Add image below