Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के विभिन्न शक्तिधामों में माता के अनोखे रूपों और प्राचीन मान्यताओं के चलते श्रद्धालुओं की खासी आस्था है। नवरात्र के दिनों में इन विशेष मंदिरों में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-82a6167e
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले में कई ऐसे शक्तिधाम मौजूद हैं जो अपनी खास मान्यताओं, प्राचीनता और अनूठे स्वरूप के कारण अंचलभर में अपनी अलग पहचान रखते हैं। इन मंदिरों में देवी के विभिन्न रूपों के दर्शन करने के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतूमैन की मां विंध्यवासिनी और कदवाया की मान्यता Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तूमैन में मां विंध्यवासिनी का प्राचीन मंदिर है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, तूमैन को राजा मोरध्वज की नगरी माना जाता है और मां विंध्यवासिनी उनकी कुलदेवी थीं। इस मंदिर के प्रवेश द्वार पर बैकुंठ, मृत्यु लोक और पाताल लोक को दर्शाती अनूठी कलाकृतियां उकेरी गई हैं, जो इसे बेहद खास बनाती हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी तरह कदवाया में भी मां के दर्शन से जुड़ी खास मान्यताएं हैं जो यहां आने वाले श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचंदेरी का जागेश्वरी मंदिर और महाभारत कालीन प्रसंग Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचंदेरी में स्थित मां जागेश्वरी मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां माता का केवल मुखाकृति स्वरूप ही विराजमान है। प्रचलित मान्यताओं के मुताबिक इस मंदिर का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा हुआ है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकहा जाता है कि राजा कूर्मदेव कुष्ठ रोग से पीड़ित थे और इस पावन स्थान पर आने के बाद उन्हें राहत मिली थी। ऐसी कथा है कि मंदिर निर्माण के दौरान दरवाजा जल्द खोल दिए जाने के कारण माता का केवल मुख ही प्रकट हो पाया था, जिसके दर्शन के लिए आज भी भक्त बड़ी संख्या में आते हैं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकरीला धाम और प्राचीन देवकानी मंदिर Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रसिद्ध करीला का मां जानकी मंदिर पूरे प्रदेश में अपनी अनूठी पहचान रखता है। यहां माता सीता अपने पुत्र लव और कुश के साथ विराजमान हैं। मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं और रंगपंचमी के अवसर पर यहां विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें लाखों लोग शामिल होकर परंपरागत राई नृत्य का आनंद लेते हैं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, देवकानी माता मंदिर को जिले के सबसे प्राचीन धार्मिक स्थलों में गिना जाता है, जो करीब 700 साल पुराना माना जाता है। कभी घने जंगल के बीच स्थित रहे इस मंदिर के पास बनी ऐतिहासिक सास-बहू की बावड़ी भी पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है जिसमें हमेशा पानी भरा रहता है। Add text below Add image below11Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहाड़ी पर विराजीं मां पहाड़ा वाली Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतूमैन क्षेत्र में ही मां पहाड़ा वाली का मंदिर भी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र है। स्थानीय जानकारी के अनुसार, लगभग 17 वर्ष पूर्व पहाड़ी के भीतर माता की प्रतिमा प्रकट हुई थी, जिसके बाद वहां भव्य मंदिर का निर्माण कराया गया। वर्तमान में भक्त 76 सीढ़ियां चढ़कर और मुरम के रास्ते से होते हुए माता के दरबार में माथा टेकने पहुंचते हैं। Add text below Add image below