Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसावन मास के पावन अवसर पर मुंगावली क्षेत्र में धूमधाम से कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। इस धार्मिक यात्रा में आठ साल के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने उत्साह के साथ भाग लिया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-60b1fed7
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुंगावली अंचल में इन दिनों सावन के पवित्र महीने के चलते शिवालयों में शिव भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में क्षेत्र में एक भव्य और विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबेतवा तट से हुआ जल का अर्जन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस धार्मिक यात्रा का श्रीगणेश सुबह आठ बजे बेतवा नदी के तट पर स्थित कंजिया के प्रसिद्ध चिंतेश्वर महादेव मंदिर से किया गया। वहां पहुंचे सैकड़ों कांवड़ियों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के पश्चात बेतवा का पवित्र जल अपनी कांवड़ों में भरा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदस किलोमीटर का कठिन और लंबा सफर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूजा के बाद सुबह दस बजे शिव भक्तों का यह जत्था 'हर-हर महादेव' के जयकारे लगाते हुए मुंगावली नगर की तरफ आगे बढ़ा। इस दस किलोमीटर लंबे और कठिन मार्ग पर आठ वर्ष के बच्चों से लेकर बासठ वर्ष तक के बुजुर्गों ने बिना चप्पलों के नंगे पांव चलकर अपनी गहरी धार्मिक आस्था का परिचय दिया। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविभिन्न मार्गों से गुजरी यात्रा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबेतवा घाट से आरंभ होकर यह कांवड़ यात्रा सेमरखेड़ी, छोटा भोपाल, महुआखाड़ी और नई बसात के रास्ते होते हुए स्टेशन रोड स्थित इमली चौराहा पहुंची। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके बाद यात्रा मल्हारगढ़ रोड, भुजरिया तालाब रोड, रामलीला मंच, पुराना बाजार, नया बाजार, पोस्ट ऑफिस चौराहा और बस स्टैंड से होती हुई जय स्तंभ चौराहा तक गई। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनगर के विभिन्न मार्गों से गुजरने के बाद इस कांवड़ यात्रा का समापन स्थानीय प्राचीन सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर संपन्न हुआ, जहां भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। Add text below Add image below