Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले का परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स स्कोर 280.2 रहने के बाद शिक्षा विभाग ने यू-डाइज प्लस पोर्टल पर डेटा एंट्री की निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने संस्था प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पोर्टल पर दर्ज जानकारियों की सटीकता स्वयं जांचें।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-5c29814c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले की स्कूली शिक्षा व्यवस्था के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत स्कूलों द्वारा यू-डाइज प्लस पोर्टल पर भरी जाने वाली जानकारियों की नियमित जांच और गहन निगरानी की जाएगी, ताकि भविष्य में ग्रेडिंग स्कोर सुधर सके। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआकांक्षी-1 ग्रेड में है जिला, सुधार की है व्यापक गुंजाइश Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकेंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाले PGI-D 2.0 के तहत जिलों की शैक्षणिक व्यवस्था का मूल्यांकन विभिन्न संकेतकों के आधार पर किया जाता है। वर्ष 2025-26 के दौरान अशोकनगर जिले का कुल PGI स्कोर 280.2 दर्ज किया गया था, जो कि आकांक्षी-1 ग्रेड के अंतर्गत आता है। इस ग्रेड का स्कोर बैंड कुल 600 अंकों में से 21 प्रतिशत से 30 प्रतिशत के बीच होता है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभाग के अनुसार, इस ग्रेडिंग का मतलब यह है कि सुधार की आवश्यकता केवल विद्यार्थियों के परीक्षा परिणामों तक सीमित नहीं है। बल्कि स्कूलों में उपलब्ध बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की स्थिति, छात्रों का विवरण और अन्य सभी प्रमुख संकेतकों से जुड़े आंकड़ों की सटीकता भी इसमें उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों ने दिए पोर्टल पर सही डेटा दर्ज करने के निर्देश Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाल ही में आयोजित हुई कार्यशाला के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी मधु शर्मा ने सभी संस्था प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे यू-डाइज पोर्टल पर स्कूल से संबंधित सभी जानकारियां समय पर और पूरी तरह सही अपलोड करें। डेटा में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) राहुल शर्मा ने भी दोहराया कि संस्था प्रभारियों को पोर्टल पर फीड किए गए डेटा की खुद पुष्टि करनी होगी। इसके साथ ही जनशिक्षकों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अपने क्षेत्र के अधीन आने वाले सभी स्कूलों के डेटा का अनिवार्य रूप से सत्यापन करें। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यशाला में जिला प्रोग्रामर जीएस नरवरिया ने उपस्थित अमले को यू-डाइज प्लस और PGI से जुड़े तमाम संकेतकों की विस्तार से जानकारी दी। शिक्षा विभाग का मानना है कि अब डेटा एंट्री को महज एक कागजी औपचारिकता न मानकर इसे जिले की समग्र शैक्षणिक ग्रेडिंग सुधारने का मुख्य जरिया बनाया जाना चाहिए। Add text below Add image below