Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryचंदेरी-मुंगावली मुख्य मार्ग से रणछोड़ धाम को जोड़ने वाला करीब बीस किलोमीटर का रास्ता बेहद खराब स्थिति में है। प्रशासनिक उपेक्षा के चलते इस मार्ग पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे राहगीरों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-5a8e66f9
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteधार्मिक स्थलों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग उपेक्षा का शिकार Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के सेहराई इलाके में चंदेरी-मुंगावली मुख्य मार्ग से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल रणछोड़ धाम और बेतवा नदी के पुल तक जाने वाला सड़क मार्ग पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। खिरिया ढाबा से रणछोड़ धाम की कुल दूरी करीब 25 किलोमीटर है, जिसमें आमनचार तक का चार किलोमीटर का हिस्सा डामरीकृत है, लेकिन इसके आगे बेतवा नदी के पुल तक का लगभग 20 किलोमीटर का लंबा रास्ता पूरी तरह कच्चा और गड्ढों में तब्दील हो चुका है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदेवगढ़ और रणछोड़ धाम जाने वाले यात्रियों को होती है परेशानी Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह सड़क सिर्फ रणछोड़ धाम का रास्ता ही नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र उत्तर प्रदेश की सीमा से भी सटा हुआ है। मध्य प्रदेश और अन्य जिलों से जैन तीर्थ क्षेत्र अतिशय क्षेत्र देवगढ़ जाने वाले श्रद्धालु भी इसी रास्ते को शॉर्टकट के तौर पर चुनते हैं। इस मार्ग पर कई ग्रामीण बस्तियां बसी हुई हैं, और रास्ता सिंगल लेन होने के कारण विपरीत दिशा से आने वाले वाहनों को साइड देना भी जोखिम भरा साबित होता है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक संतुलन बिगड़ने से हादसों का शिकार हो रहे हैं। हल्की बारिश या धूल उड़ने के समय स्थिति और अधिक भयावह हो जाती है, जिससे स्थानीय नागरिकों का आवागमन दूभर हो गया है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने दी आंदोलन की चेतावनी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क की इस दयनीय स्थिति से परेशान होकर क्षेत्र के आधा दर्जन से अधिक गांवों के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अब इसके खिलाफ आवाज बुलंद कर दी है। सड़क के पुनर्निर्माण की मांग उठाने वालों में जिला पंचायत सदस्य कन्हैया राम लोधी, सरपंच प्रतिनिधि भरत सिंह लोधी, चाली राजा यादव, पंडा लोधी, रामविलास तिवारी और पहलवान सिंह सहित कई प्रमुख ग्रामीण शामिल हैं। Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteयदि शासन-प्रशासन ने जल्द ही इस मार्ग का डामरीकरण करवाकर निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, तो स्थानीय ग्रामीण मजबूरन बड़ा आंदोलन करेंगे। Add text below Add image below