Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के मढ़खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के दौरान सरपंच पर सरकारी धन के दुरुपयोग और मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर हुए निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-38356d9c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजनसुनवाई में पहुंचा ग्रामीणों का दल Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के मढ़खेड़ा गांव के रहवासी मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे और पंचायत के सरपंच मुस्लिम खां के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने सरपंच पर प्रशासनिक शक्तियों के दुरुपयोग, भ्रष्टाचार और जातिगत भेदभाव बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगृहग्राम में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का आरोप Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों का मुख्य आरोप है कि सरपंच ने अपने मूल गांव मढ़खेड़ा की अनदेखी करते हुए अपने गृहग्राम बरखेड़ा हेमराज में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है। उनका कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ विशेष रूप से अपने रिश्तेदारों और चुनिंदा लोगों तक ही सीमित रखा गया है। इसके अलावा, पुराने स्टॉप डैम को नया बताकर उसका भुगतान प्राप्त करने और खेत तालाबों के निर्माण में व्यापक स्तर पर गड़बड़ी किए जाने की आशंका भी जताई गई है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबुनियादी सुविधाओं का अभाव और मनरेगा में धांधली Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत विवरण के अनुसार, बरखेड़ा हेमराज में कई सार्वजनिक और हितग्राही मूलक कुएं बनवाए गए, जबकि मढ़खेड़ा इन सुविधाओं से वंचित रहा। स्थानीय आदिवासी बस्ती में मुक्तिधाम न होने के कारण बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मनरेगा योजना के तहत स्थानीय मजदूरों को काम न देकर अन्य स्थान के लोगों को काम पर रखने के आरोप भी लगाए गए हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाली निर्माण के मद से राशि आहरित कर ली गई, लेकिन धरातल पर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना के आवंटन में भी चहेतों को लाभ पहुंचाने की बात कही गई है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि पिछले लगभग चार वर्षों से पंचायत में किसी प्रकार की ग्रामसभा का आयोजन नहीं किया गया है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र में स्वीकृत समस्त निर्माण कार्यों की लागत, व्यय और गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व भी स्थानीय स्तर पर शिकायतें की जा चुकी हैं, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि शीघ्र ही जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन तेज करने के लिए बाध्य होंगे। Add text below Add image below