Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले में फसल अवशेष यानी पराली जलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रशासन की ओर से जुर्माना लगाया जाएगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-35287044
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले में खेतों में पराली और नरवाई जलाने की प्रथा पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर साकेत मालवीय के निर्देश के बाद कृषि क्षेत्र में इसके प्रबंधन को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत यह प्रतिबंध लागू किया गया है, जिसका उद्देश्य पर्यावरण को सुरक्षित रखना और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बचाना है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपिछले साल सामने आए थे 510 मामले Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबीते खरीफ सीजन के दौरान जिले में पराली जलाने की कुल 510 घटनाएं रिकॉर्ड की गई थीं। इन आंकड़ों को ध्यान में रखते हुए इस बार प्रशासन ने जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष निगरानी दलों का गठन किया गया है, जिसमें सरपंच, पंचायत सचिव, कृषि विस्तार अधिकारी और पटवारी जैसे मैदानी कर्मचारियों को शामिल किया गया है। साथ ही, जिन पंचायतों में एक भी घटना नहीं होगी, उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहार्वेस्टर मशीनों के लिए स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम जरूरी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफसल कटाई के दौरान कंबाइन हार्वेस्टर मशीनों का उपयोग बड़े पैमाने पर होता है। इसे नियंत्रित करने के लिए जिले में चलने वाले सभी हार्वेस्टरों में स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम यानी एसएमएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। जो मशीन मालिक इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ प्रशासनिक स्तर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबायोएनर्जी यूनिट को बेचे जा सकेंगे अवशेष Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों को पराली जलाने से रोकने और उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाने के लिए जिले में कुल 13 बायोएनर्जी यूनिट सक्रिय हैं। ये इकाइयां किसानों से सोयाबीन और मक्का के फसल अवशेषों की खरीदी कर रही हैं, जिससे अन्नदाता खेतों में आग लगाने के बजाय कचरे का सही उपयोग कर सकें। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, इस साल जिले में औसत 882 मिलीमीटर बारिश के मुकाबले 796.25 मिलीमीटर वर्षा ही दर्ज की गई है। कम बारिश की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को गेहूं की ऐसी किस्में चुनने की सलाह दी है जिनमें कम पानी की जरूरत पड़े। इसके अलावा सरसों, चना और मसूर जैसी फसलों की बोवनी करने पर भी जोर दिया जा रहा है। Add text below Add image below