Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर में नवनिर्मित प्रधान डाकघर की शिलापट्टिका पर स्थानीय कांग्रेसी विधायक का नाम नहीं होने से राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताते हुए विधानसभा में मामला उठाने की चेतावनी दी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-34b018fa
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले में उस समय नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया, जब स्थानीय प्रधान डाकघर की शिलापट्टिका पर कांग्रेस विधायक का नाम गायब मिला। इस मामले को लेकर सोमवार को स्थानीय कांग्रेस कार्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया और कड़ा विरोध दर्ज कराया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रोटोकॉल के उल्लंघन का लगाया आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुशवाहा, स्थानीय विधायक हरिबाबू राय और प्रदेश महासचिव यादवेंद्र सिंह यादव मुख्य रूप से मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि शिलापट्टिका से जनप्रतिनिधि का नाम हटाना किसी सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिससे नेताओं को नीचा दिखाने का प्रयास किया गया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मुद्दे पर विधायक हरिबाबू राय ने अपनी बात रखते हुए कहा कि यह प्रधान डाकघर किसी एक विधानसभा क्षेत्र का न होकर पूरे जिले का है। नियमानुसार शिलापट्टिका पर जिले के तीनों विधायकों के साथ-साथ जिला पंचायत अध्यक्ष का नाम भी अंकित होना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर प्रोटोकॉल की अनदेखी की गई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविधानसभा और प्रशासन तक पहुंचेगी शिकायत Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविधायक हरिबाबू राय ने स्पष्ट किया कि डाकघर अधीक्षक अपने स्तर पर इस तरह का निर्णय नहीं ले सकते और इसके पीछे सत्ता पक्ष का दबाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह इस गंभीर मामले को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे। इस संबंध में वे विधानसभा अध्यक्ष को अपनी औपचारिक शिकायत भेज चुके हैं, जिसकी प्रतियां नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष और अन्य कांग्रेस विधायकों को भी दी जाएंगी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने आगे बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्होंने कलेक्टर को व्हाट्सऐप के माध्यम से दी थी। कलेक्टर ने इस बारे में अनभिज्ञता जताते हुए कहा था कि उन्होंने अभी तक शिलापट्टिका नहीं देखी है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपूर्व में भी नाम हटाने का लग चुका है आरोप Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकांग्रेस विधायक ने प्रशासन पर निशाना साधते हुए यह भी याद दिलाया कि इससे पहले स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम के दौरान भी शिलापट्टिका पर उनका नाम नहीं छापा गया था, जिसे बाद में सुधारना पड़ा था। उन्होंने दावा किया कि केवल वर्तमान विधायक ही नहीं, बल्कि पूर्व भाजपा सांसद केपी यादव का नाम भी कई आयोजनों की शिलापट्टिकाओं और बैनर-पोस्टरों से गायब किया जाता रहा है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रेसवार्ता के दौरान कांग्रेस प्रदेश महासचिव यादवेंद्र सिंह यादव ने अधिकारियों की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिलापट्टिकाओं पर नाम लिखवाने की राजनीति से ज्यादा जरूरी क्षेत्र के किसानों की वास्तविक समस्याएं हैं। उन्होंने अशोकनगर जिले में किसानों के सामने आ रही खाद और बिजली की भारी किल्लत का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया। Add text below Add image below