Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष और विजयादशमी के उपलक्ष्य में अनुशासित पथ संचलन निकाला गया। इस दौरान मुख्य वक्ता हेमंत सेठिया ने राष्ट्र के विकास के लिए ज्ञान, शील और संगठन की शक्ति पर जोर दिया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-2d8d2bab
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर में निकला भव्य और अनुशासित पथ संचलन Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविजयादशमी पर्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के समापन के अवसर पर अशोकनगर शहर में एक विशाल पथ संचलन का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नगर की कुल 10 बस्तियों से आए स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में बेहद अनुशासन के साथ बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर के मुख्य मार्गों से गुजरने के बाद यह संचलन गांधी पार्क से होते हुए मानस भवन तक पहुंचा, जहां इसका औपचारिक समापन किया गया। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिकों में राष्ट्रभक्ति और विशेष उत्साह का माहौल देखने को मिला। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसंतों और पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस कार्यक्रम में मध्य भारत प्रांत के प्रांत कार्यवाह हेमंत जी सेठिया मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। इसके अलावा मंच पर नगर संघचालक ऋषभ जैन और मुख्य अतिथि के रूप में मुनिश्री निरंजन सागर जी महाराज भी मौजूद रहे, जिनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशताब्दी वर्ष राष्ट्र निर्माण के संकल्प का अवसर: हेमंत सेठिया Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुख्य वक्ता हेमंत सेठिया ने अपने संबोधन में संघ की सौ वर्षों की लंबी सेवा और समर्पण यात्रा पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि देश के सर्वांगीण विकास के लिए ज्ञान, शील और संगठन की शक्ति का होना बेहद जरूरी है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने आगे स्पष्ट किया कि ज्ञान मनुष्य को विवेक प्रदान करता है, शील से उत्तम चरित्र का निर्माण होता है और संगठन समाज को एक सूत्र में पिरोकर रखता है। उनके अनुसार, यह शताब्दी वर्ष केवल एक उत्सव तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश के निर्माण के लिए नए संकल्प लेने का समय है। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसंघ के पांच प्रमुख आयामों पर दिया गया जोर Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम के दौरान संघ के पांच प्रमुख आयामों को रेखांकित किया गया। इनमें स्व का बोध यानी अपनी संस्कृति और राष्ट्रभाषा के प्रति सजगता, तथा सामाजिक समरसता के जरिए भेदभाव मिटाकर वसुधैव कुटुंबकम की भावना को मजबूत करने की बात कही गई। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त कुटुंब प्रबोधन के माध्यम से परिवारों में संस्कार बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण के तहत जल और जंगलों की रक्षा करने, तथा नागरिक कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ पालन करने का संदेश स्वयंसेवकों और आम जनमानस को दिया गया। Add text below Add image below