Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर में भारतीय किसान संघ ने बलराम जयंती पर प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याएं नहीं सुलझीं, तो आगे बड़ा आंदोलन किया जाएगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-231cd968
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले में स्थानीय किसानों ने अपनी विभिन्न कृषि और राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर मुखर रुख अपनाया है। भारतीय किसान संघ के बैनर तले मंगलवार को स्थानीय कृषि उपज मंडी परिसर में भगवान बलराम जयंती का आयोजन किया गया। इस धार्मिक और सांस्कृतिक अवसर के बाद किसानों ने एकजुट होकर एक आक्रोशित बाइक रैली निकाली, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंची। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलदार को सौंपे गए प्रधानमंत्री और कलेक्टर के नाम ज्ञापन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद किसानों ने अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचाया। संघ की ओर से तहसीलदार आलोक श्रीवास्तव को देश के प्रधानमंत्री और स्थानीय कलेक्टर के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। इस दौरान किसानों ने स्पष्ट किया कि खेती-किसानी से जुड़ी उनकी दिक्कतें लगातार बढ़ रही हैं, जिनका समय पर निराकरण होना आवश्यक है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजस्व, सिंचाई और पोर्टल पर उत्पादन क्षमता बढ़ाने की मांग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान किसानों ने राजस्व और कृषि विभाग से जुड़ी कई विसंगतियों को उठाया। उन्होंने पोर्टल पर गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादन क्षमता में वृद्धि करने की मांग रखी। साथ ही, कंप्यूटर रिकॉर्ड से गायब हुई भूमि को केवल एक आवेदन के आधार पर दुरुस्त करने और लंबित नामांतरण मामलों का त्वरित निपटारा करने को कहा गया। किसानों ने मांग की कि खेतों के रास्तों को नक्शे में दर्ज किया जाए और खेत सड़क योजना को अमलीजामा पहनाया जाए, इसके साथ ही बटांकन और सीमांकन का कार्य 10 दिन के भीतर पूरी तरह निशुल्क किया जाए। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफसल बीमा, खाद और राजघाट नहर परियोजना का मुद्दा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन के माध्यम से किसानों ने वर्ष 2025 के बकाया फसल बीमा का भुगतान शीघ्र कराए जाने की मांग की। खाद वितरण को लेकर कहा गया कि सभी सोसायटियों से खाद का वितरण हो तथा जो किसान ऑनलाइन टोकन बुक नहीं कर पा रहे हैं, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए। सिंचाई के मोर्चे पर राजघाट परियोजना से जिले की सभी तहसीलों तक नहरों का पानी पहुंचाने की पुरजोर मांग की गई। इसके अतिरिक्त, मंडी परिसरों के बाहर तुलाई पर रोक लगाने और किसानों से तुलाई के एवज में दोहरी वसूली न किए जाने की बात भी उठाई गई। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्बाध बिजली और ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाने पर जोर Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबिजली आपूर्ति को लेकर किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे बिना किसी बाधा के बिजली देने की मांग रखी। बिजली नेटवर्क को सुधारने के लिए खराब और तिरछे हो चुके पोलों को बदलने, ढीले तारों को कसने और ओवरलोडेड ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि करने की बात कही गई। किसानों ने आपातकालीन व्यवस्था के तहत जिले में ट्रांसफार्मर बैंक स्थापित करने की भी मांग की। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रधानमंत्री के नाम दिए ज्ञापन में जीएसटी हटाने और सम्मान निधि बढ़ाने की मांग Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कृषि उपकरणों और खेती से जुड़े अन्य सामानों पर से जीएसटी पूरी तरह समाप्त करने की मांग की गई। किसानों ने मांग रखी कि उनकी सभी फसलों का समर्थन मूल्य लागत आधारित होना चाहिए। इसके अलावा, किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर करने और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की ऋण सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपए किए जाने की वकालत की गई। जीएम फसलों के व्यवसायिक उपयोग पर रोक जारी रखने की मांग करते हुए संघ के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। Add text below Add image below