Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryबंगलाचौराहा से करीला धाम जाने वाले दस किलोमीटर लंबे मार्ग पर बारिश के बाद भी साफ-सफाई नहीं कराई गई है। सड़क किनारे उगी कंटीली झाड़ियों के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-12ff95dc
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क निर्माण एजेंसी की लापरवाही Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के बंगलाचौराहा से प्रसिद्ध धार्मिक स्थल करीला धाम को जोड़ने वाला दस किलोमीटर लंबा मार्ग इन दिनों बदहाली के आंसू रो रहा है। बारिश का मौसम बीत जाने के बावजूद इस सड़क के दोनों किनारों की सफाई कराने की सुधि नहीं ली गई है। सड़क निर्माण का जिम्मा संभालने वाले ठेकेदार की सुस्ती के चलते मार्ग के किनारे बड़ी मात्रा में कांटेदार और अन्य प्रजाति के पौधे उग आए हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइकोदिया गांव के पास गंभीर स्थिति Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मार्ग पर सबसे खतरनाक हालात इकोदिया गांव के पास कोंचा नदी पुल के इर्द-गिर्द बने हुए हैं। पुल के दोनों तरफ उगी झाड़ियों और पौधों ने अब एक घने जंगल का रूप धारण कर लिया है। स्थिति यह है कि यहां बने अंधे मोड़ के पास बड़े-बड़े पेड़ों के कारण सामने से आने वाले वाहन बिल्कुल दिखाई नहीं देते, जिससे हर वक्त किसी बड़े सड़क हादसे की आशंका बनी रहती है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क के किनारों तक फैली इन कंटीली झाड़ियों की वजह से गाड़ियों को साइड देने में चालकों को खासी मशक्कत करनी पड़ती है। कई बार वाहन चालकों को अचानक मोर्चों पर आकर ब्रेक लगाने पड़ते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteश्रद्धालुओं की आस्था और सुरक्षा का सवाल Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि करीला धाम मां जानकी का पवित्र स्थान और महर्षि वाल्मीकि की ऐतिहासिक तपोभूमि है, जहां माता सीता ने अपने जीवन के अंतिम दिन बिताए थे। इस पावन स्थल के प्रति देश भर के श्रद्धालुओं के मन में गहरी और अटूट आस्था है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी धार्मिक महत्व के कारण हर दिन सैकड़ों और पूर्णिमा के विशेष अवसरों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु छोटे-बड़े वाहनों से इसी रास्ते से होकर करीला धाम पहुंचते हैं। क्षेत्र के लोगों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रमुख आस्था मार्ग की झाड़ियों की जल्द से जल्द कटाई कराई जाए ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके। Add text below Add image below