Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के शाढ़ौरा नगर परिषद क्षेत्र में सफाई कर्मचारियों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी ईपीएफ कटौती और रुका हुआ वेतन भुगतान न होने से नाराज होकर काम ठप कर हड़ताल पर बैठे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-10df5fc8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के शाढ़ौरा नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों का गुस्सा प्रशासनिक उपेक्षा के चलते फूट पड़ा है। विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता चुना है, जिसका शुक्रवार को लगातार दूसरा दिन रहा। इस आंदोलन के कारण स्थानीय स्तर पर साफ-सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteट्रेड यूनियन की चेतावनी के बाद शुरू हुआ आंदोलन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन की ओर से नगर परिषद को पहले ही स्पष्ट चेतावनी दी गई थी। यूनियन ने ज्ञापन सौंपकर कहा था कि यदि तय समय सीमा में मांगें नहीं मानी गईं तो काम बंद कर दिया जाएगा। इसी चेतावनी के तहत 24 सितंबर से कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए आंदोलन का बिगुल बजा दिया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रमुख मांगें: ईपीएफ और नियमितीकरण का मुद्दा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने अपनी चार सूत्रीय मांगें प्रशासन के सामने रखी हैं। इनमें मुख्य रूप से सभी कर्मचारियों के खातों में ईपीएफ की राशि जमा कराने और उसका ब्योरा देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही, संविदा व अन्य सफाई कर्मियों को नियमित करने की आवाज भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों की आर्थिक समस्याओं को देखते हुए पिछले एक महीने का रुका हुआ वेतन तत्काल जारी करने की मांग की गई है। साथ ही यह भी मांग रखी गई है कि भविष्य में हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच नियमित रूप से वेतन का भुगतान किया जाए। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकोरे आश्वासनों से तंग आकर उठाया कदम Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयूनियन पदाधिकारियों का कहना है कि पूर्व में अधिकारियों द्वारा उनकी मांगें एक साल के भीतर पूरी किए जाने का आश्वासन दिया गया था। परंतु लंबा समय बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन को पांच दिन का समय देने के बावजूद जब कोई संतोषजनक मौखिक या लिखित जवाब नहीं मिला, तब जाकर कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर हड़ताल शुरू करने का कड़ा निर्णय लिया। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमांगें पूरी होने तक डटे रहेंगे कर्मी Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशुक्रवार को आंदोलन के दूसरे दिन भी सफाई कर्मियों का प्रदर्शन जारी रहा। कर्मचारियों ने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित और व्यावहारिक कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका यह अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन और कार्य बहिष्कार यूं ही जारी रहेगा। Add text below Add image below