Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुंगावली में दशलक्षण पर्व के दौरान आर्यिका पूर्णमती माताजी के जीवन चरित्र पर आधारित नाटक का मंचन किया गया। इस भावुक प्रस्तुति को देखकर वहां मौजूद सभी श्रद्धालु काफी भावुक हो उठे।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-story-0974858e
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदशलक्षण पर्व पर सांस्कृतिक आयोजनों की धूम Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजैन धर्म के पवित्र पर्व दशलक्षण के पावन दिनों में अशोकनगर जिले के मुंगावली कस्बे में विभिन्न धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार की रात स्थानीय संत निवास परिसर में चंद्रप्रभु पाठशाला परिवार की तरफ से एक विशेष सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबच्चों के मंगलाचरण से हुआ कार्यक्रम का आगाज Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस धार्मिक आयोजन की शुरुआत पाठशाला के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए मनमोहक मंगलाचरण 'हम जैन...' भजन से की गई। बच्चों की इस प्रस्तुति ने वहां मौजूद सभी दर्शकों का मन मोह लिया और पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमंच पर सजीव हुआ आर्यिका पूर्णमती माताजी का जीवन चरित्र Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमंगलाचरण के पश्चात मुख्य आकर्षण के रूप में नाटक 'गुरु गौरव गाथा' का भावपूर्ण मंचन किया गया। इस नाटक के माध्यम से आर्यिका पूर्णमती माताजी के प्रेरणादायी जीवन चरित्र को बहुत ही सुंदरता के साथ दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनाटक में दर्शाया गया कि किस तरह मात्र छह वर्ष की छोटी सी आयु में ही उनका मन सांसारिक मोह-माया से विरक्त होकर मोक्ष मार्ग की ओर मुड़ गया था। उनके जीवन के इन संघर्षपूर्ण और आध्यात्मिक पलों को देखकर पंडाल में बैठे श्रद्धालु भावविभोर हो गए। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रस्तुति के दौरान उनके कठिन संयम पथ पर आगे बढ़ने और संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज से दीक्षा प्राप्त करने के प्रसंगों को बेहद जीवंत रूप में दिखाया गया, जिसे देखकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। Add text below Add image below