Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर के शासकीय विधि महाविद्यालय में गुरुवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य गरिमा राठौर के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्राचार्य ने विद्यार्थियों को एक शैक्षणिक संगोष्ठी का झांसा देकर भाजपा से जुड़े एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दबाव बनCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-nsui-91381f4e
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के शासकीय विधि महाविद्यालय में गुरुवार को राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने प्राचार्य गरिमा राठौर के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज कराया। छात्रों के इस संगठन ने प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने विद्यार्थियों को एक विशेष राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाध्य किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या है पूरा मामला? Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएनएसयूआई के पदाधिकारियों के अनुसार, महाविद्यालय के एक आधिकारिक सोशल मीडिया समूह में प्राचार्य की ओर से एक संदेश प्रसारित किया गया था। इस संदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि 8 जुलाई को आयोजित होने वाली एक 'संगोष्ठी' में अनुपस्थित रहने वाले छात्रों को आगामी प्रायोगिक परीक्षाओं में बैठने नहीं दिया जाएगा, और उनके अंकों पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन का दावा है कि छात्रों को यह कहकर बुलाया गया था कि यह एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संगोष्ठी है। हालांकि, जब विद्यार्थी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि यह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और भारतीय जनता पार्टी से संबंधित एक आयोजन था। एनएसयूआई ने इस कृत्य को छात्रों को गुमराह करने और एक शासकीय पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा पद की गरिमा का उल्लंघन बताया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएनएसयूआई की मांग और आगे की रणनीति Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविरोध प्रदर्शन के दौरान, एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने महाविद्यालय परिसर में 'सद्बुद्धि यज्ञ' का आयोजन किया। इस यज्ञ के माध्यम से उन्होंने प्राचार्य गरिमा राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने की मांग की। संगठन के नेताओं ने यह भी उल्लेख किया कि प्राचार्य से जुड़े कई विवादित मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि सद्बुद्धि यज्ञ का मुख्य उद्देश्य प्राचार्य को यह संदेश देना है कि वे राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहकर शिक्षा व्यवस्था को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता दें। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि प्राचार्य के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जिला कांग्रेस कमेटी के साथ मिलकर इस आंदोलन को और अधिक व्यापक और तीव्र बनाएंगे। Add text below Add image below