Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशहर के 78 साल पुराने गांधी पार्क के सौंदर्यीकरण और कायाकल्प का कार्य अंतिम चरण में है। करीब 44.40 लाख रुपए की लागत से चल रहे इस प्रोजेक्ट के तहत आधुनिक सुविधाओं के साथ पार्क को नया स्वरूप दिया जा रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-70-53498fcb
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर शहर के मुख्य केंद्र और ऐतिहासिक पहचान से जुड़े गांधी पार्क का कायाकल्प अब तेजी से आकार ले रहा है। इस प्रमुख स्थल के सौंदर्यीकरण और पुनर्निर्माण का लगभग सत्तर प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है, जिसके चलते इस चौराहे का रूप अब पहले से काफी बदला हुआ नजर आने लगा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआधुनिक सुविधाओं के साथ संवर रहा 78 साल पुराना स्मारक Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह ऐतिहासिक गांधी स्मारक करीब 78 साल पुराना है। इसे आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक वास्तुकला के मेल से संवारा जा रहा है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा एक नए और भव्य चबूतरे पर स्थापित की जाएगी, जिसके ऊपर लाल बलुआ पत्थर की सुंदर छतरी बनकर तैयार हो चुकी है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइतनी लागत से हो रहा है निर्माण कार्य Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनगर पालिका द्वारा इस विकास कार्य के लिए लगभग 47.50 लाख रुपए का टेंडर जारी किया गया था, जो निविदा प्रक्रिया के बाद 44.40 लाख रुपए की स्वीकृत राशि में तय हुआ। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए ठेकेदार को 180 दिन का समय दिया गया था, जिसके तहत पार्क के फर्श पर प्राकृतिक पत्थरों का उपयोग किया गया है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुंदरीकरण के इस दौर में पार्क के चारों ओर सैंडस्टोन की जालियां लगाई जा रही हैं और एक नया स्टेनलेस स्टील का प्रवेश द्वार भी बनाया गया है। इसके साथ ही पार्क की सुरक्षा के लिए करीब चार फीट ऊंची चारदीवारी का निर्माण किया गया है और परिसर में फव्वारे व जलधाराएं भी स्थापित की जानी हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपार्क का है एक ऐतिहासिक महत्व Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि यह स्थान केवल एक साधारण चौराहा नहीं है, बल्कि इसका गहरा ऐतिहासिक संदर्भ है। इतिहास के अनुसार, 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी के निधन के पश्चात यहां संगमरमर की आदमकद प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया गया था, जो करीब साढ़े सात से आठ फीट ऊंची है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपिछले 78 वर्षों में इस पार्क के स्वरूप में समयानुसार कई बार फेरबदल किए गए हैं। वर्तमान में चल रहा यह विकास कार्य इस ऐतिहासिक स्थल का चौथा बड़ा कायाकल्प माना जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान गांधीजी की प्रतिमा की पूरी सुरक्षा का ध्यान रखते हुए उसे सुरक्षित तरीके से ढंककर रखा गया है। Add text below Add image below