Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर की नवीन कृषि उपज मंडी के स्टेडियम में मंगलवार शाम को विजयादशमी का पर्व मनाया गया। इस दौरान बुराई के प्रतीक रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतलों का दहन किया गया और दो घंटे तक आतिशबाजी हुई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-53-f4bdd9ad
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर शहर की नवीन कृषि उपज मंडी परिसर स्थित स्टेडियम में मंगलवार की शाम विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय के इस पावन पर्व पर शहरवासियों की भारी भीड़ स्टेडियम में एकत्र हुई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशाल पुतलों का हुआ निर्माण और दहन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस भव्य दशहरा उत्सव के लिए मैदान में कुल तीन विशाल पुतले खड़े किए गए थे। इनमें 53 फीट ऊंचा रावण, 31 फीट का कुंभकरण और 20 फीट ऊंचा मेघनाथ का पुतला शामिल था। कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत शाम 6 बजे राम दरबार की आरती के साथ संपन्न हुई, जिसके पश्चात उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने जनता को संबोधित किया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवक्ताओं ने विजयादशमी के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज से सभी बुराइयों को समाप्त करने और सच्चाई के मार्ग पर अग्रसर रहने का संदेश दिया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले गणमान्य नागरिकों को सम्मानित भी किया गया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदो घंटे तक चली भव्य आतिशबाजी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोजन को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए स्टेडियम परिसर को तीन अलग-अलग भागों में विभाजित किया गया था। प्रथम हिस्से में आतिशबाजी का क्षेत्र रखा गया था, दूसरे भाग में रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले स्थापित किए गए थे, तथा तीसरे भाग में दर्शकों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुतला दहन से पूर्व मैदान में लगभग दो घंटे तक लगातार आतिशबाजी का दौर चलता रहा, जिससे आसमान रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। इसके बाद भगवान राम के बाण से तीनों पुतलों का दहन किया गया, जिससे वे धूं-धूं कर जल उठे और कुछ ही पलों में राख हो गए। Add text below Add image below