Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के बरवाह गांव में एक निर्माणाधीन मकान से प्रशासन ने डीएपी खाद की 52 बोरियां बरामद की हैं। बोरियों पर लॉट नंबर न होने और पैकिंग वर्ष 2025 दर्ज होने के कारण खाद को संदिग्ध मानते हुए जब्त कर लिया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-52-e8206a54
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के अशोकनगर जिले के मुंगावली इलाके में प्रशासन ने उर्वरक कालाबाजारी और संदिग्ध सामग्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। क्षेत्र के बरवाह गांव में एक निर्माणाधीन मकान के भीतर से भारी मात्रा में डीएपी खाद की बोरियां बरामद की गईं, जिन्हें प्रशासनिक अमले ने मौके पर ही जब्त कर लिया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलदार के नेतृत्व में की गई औचक कार्रवाई Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय ग्रामीणों और कोटवार से मिली सूचना के आधार पर तहसीलदार कैलाशचंद्र मालवीय के निर्देशन में प्रशासनिक दल ने देर शाम बरवाह गांव का रुख किया। जांच के दौरान बस्ती के समीप स्थित एक निर्माणाधीन मकान को चिन्हित किया गया, जो राजोबाई पत्नी फूल सिंह का बताया गया है। अधिकारियों ने भीतर प्रवेश कर जब मुआयना किया, तो वहां डीएपी खाद की बोरियों का स्टॉक छिपाकर रखा गया था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबोरियों पर नहीं था लॉट नंबर, 2025 की छपी थी पैकिंग Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकृषि विभाग की वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) ने मौके पर पहुंचकर जब बोरियों की बारीकी से जांच की, तो कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इन बोरियों पर कोई लॉट नंबर अंकित नहीं किया गया था, जबकि उन पर पैकिंग का वर्ष 2025 मुद्रित पाया गया। प्रथम दृष्टя खाद पूरी तरह संदिग्ध प्रतीत होने के बाद प्रशासन ने सभी 52 बोरियों को अपने कब्जे में ले लिया। इन बोरियों को ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से सुरक्षित मुंगावली तहसील कार्यालय पहुंचाया गया है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहिला ने दूसरे गांव के व्यक्ति पर फोड़ा ठीकरा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमकान मालिक महिला से जब खाद के इस जखीरे के संबंध में पूछताछ की गई, तो उसने शुरुआती दौर में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, बाद में उसने खुलासा किया कि रतभानपुर गांव के एक व्यक्ति ने उसके मकान में यह खाद रखवाई थी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि महिला के पास अपनी कोई कृषि भूमि नहीं है, जिससे इस बात की आशंका और बढ़ गई है कि इस अवैध भंडारण के पीछे किसी अन्य रैकेट का हाथ है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteतहदार कैलाशचंद्र मालवीय ने स्पष्ट किया है कि महिला द्वारा बताए गए संदिग्धों के नामों को आधार बनाकर गहराई से छानबीन की जा रही है। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोषियों के विरुद्ध थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। फिलहाल प्रशासन ने जब्त खाद के नमूने प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि लैब रिपोर्ट के आधार पर खाद की असलियत का खुलासा हो सके। Add text below Add image below