Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर जिले के विल्हेरु विद्युत वितरण केंद्र से जुड़े दर्जनों गांवों में अघोषित बिजली कटौती से लोग बेहाल हैं। नवरात्रि के पावन अवसर और भीषण गर्मी के बीच मात्र 5 से 6 घंटे बिजली मिलने से ग्रामीणों में भारी रोष है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-24-5-6-fba1cbed
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले के विल्हेरु सब स्टेशन के अंतर्गत आने वाले लगभग एक दर्जन से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बिजली संकट गहराया हुआ है। भीषण गर्मी के बीच हो रही अंधाधुंध बिजली कटौती से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और रात के समय गांवों में ब्लैक आउट जैसे हालात बन जाते हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteत्योहार और गर्मी के बीच अघोषित कटौती से आक्रोश Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएक तरफ क्षेत्र में नवरात्रि का धार्मिक पर्व शुरू हो चुका है, वहीं दूसरी तरफ लगातार गुल रहने वाली बिजली ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस अघोषित लोड शेडिंग का बुरा असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई, रोजमर्रा के घरेलू कामकाज और छोटे कारोबारियों के व्यापार पर पड़ रहा है। मल्हारगढ़ के स्थानीय निवासी अजय कुमार, महेंद्र सिंह और राम कुमार ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि शनिवार को सुबह 9 बजे कटी बिजली शाम 4 बजे आई, लेकिन वह भी महज आधे घंटे के भीतर दोबारा गुल हो गई। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपेयजल संकट और प्रभावित गांव Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह क्षेत्र पथरीला होने के कारण बिजली न मिलने पर नल-जल योजनाएं भी पूरी तरह ठप पड़ जाती हैं, जिससे भीषण गर्मी में पीने के पानी का गंभीर संकट भी खड़ा हो गया है। बिजली विभाग की इस लचर व्यवस्था से बिल्हेरू, मल्हारगढ़, खुटिया, बमौरी, पिपरिया, मडावन टांडा, सावलहेड़ा, भेडका, किरमिचखेडी और भेसोन कला सहित कई गांवों के लोग गुस्से में हैं। ग्रामीणों का मुख्य सवाल यह है कि यदि लोड शेडिंग जरूरी है, तो इसकी पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को क्यों नहीं दी जाती। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविभाग का पक्ष और तकनीकी कारण Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी मुंगावली के एई अनुरुद्ध सिंह यादव ने स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि वह हाल ही में छुट्टी पर आए हैं और पिछले एक सप्ताह से रात्रि के समय बिजली आपूर्ति में विशेष दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश स्तर पर मांग के मुकाबले बहुत कम बिजली मिल रही है, जहां 4094 मेगावाट की आवश्यकता के विरुद्ध मात्र 171 मेगावाट ही उपलब्ध हो पा रही है। इसके अलावा पवन ऊर्जा (विंड टरबाइन) से मिलने वाली सप्लाई भी घटकर केवल 330 मेगावाट रह गई है, जिसके कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि वे लौटकर इस मामले में उच्च अधिकारियों से चर्चा करेंगे। Add text below Add image below