Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअशोकनगर में ओबीसी महासभा ने आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए अलग कॉलम और जातिवार आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है। कलेक्ट्रेट पहुंचकर सदस्यों ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/ashoknagar-2027-a4681891
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअशोकनगर जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग के अधिकारों और उनकी सही गिनती को लेकर आवाज उठनी शुरू हो गई है। इसी क्रम में गुरुवार को स्थानीय कलेक्ट्रेट परिसर में ओबीसी महासभा के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए और जिला प्रशासन को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteओबीसी महासभा से जुड़े पदाधिकारी और तमाम सदस्य हाथों में मांग तख्तियां लेकर रैली के रूप में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा, जिसमें आगामी जनगणना के दौरान ओबीसी वर्ग की गिनती को लेकर स्पष्ट प्रावधान करने की बात कही गई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजातिवार आंकड़ों के संकलन पर जोर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहासभा कातर्क है कि देश में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने, समान अवसर प्रदान करने और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए जनगणना में उनकी सटीक और विश्वसनीय जानकारी होना अनिवार्य है। संगठन ने मांग की है कि ओबीसी वर्ग की कुल जनसंख्या के साथ-साथ उनकी जातिवार सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति के प्रमाणिक आंकड़े भी जुटाए जाएं, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल सके। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन के प्रतिनिधियों का कहना है कि इन आंकड़ों के स्पष्ट होने से शिक्षा, रोजगार, आरक्षण और अन्य कल्याणकारी नीतियों के निर्माण में काफी मदद मिलेगी, जिससे समाज के इस बड़े वर्ग को सीधा फायदा पहुंचेगा। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रश्नावली में श्रेणी स्पष्ट न होने पर जताई चिंता Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन में इस बात पर विशेष चिंता व्यक्त की गई कि केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में जातियों की गणना शामिल करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन हाल ही में अधिसूचित प्रश्नावली में अनुसूचित जाति और जनजाति का तो उल्लेख है परंतु अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए कोई अलग स्पष्ट श्रेणी नहीं बनाई गई है। महासभा का मानना है कि इससे पूरी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंत में संगठन ने मांग की है कि जनगणना प्रपत्र में तुरंत संशोधन कर ओबीसी का पृथक कॉलम जोड़ा जाए, जातियों की प्रमाणित सूची व विशिष्ट कोड तय किए जाएं, तथा आंकड़े सार्वजनिक करने की समयसीमा भी तय हो। Add text below Add image below