Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले की खनियांधाना तहसील के गताझलकई गांव में पीडीएस दुकान पर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने सेल्समैन पर तीन महीने तक अंगूठा लगवाकर राशन हड़पने और विरोध करने पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-bce2d20f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी जिले के अंतर्गत आने वाली खनियांधाना तहसील के ग्राम पंचायत गताझलकई में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के संचालन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने सेल्समैन पर राशन वितरण में भारी अनियमितता और धोखाधड़ी करने के आरोप लगाए हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतीन महीने से अंगूठा लगवाने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे ग्रामीण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि सेल्समैन पिछले तीन महीनों से लगातार उन्हें राशन देने का झांसा दे रहा है। मशीन पर अंगूठा भी लगवा लिया जाता है, लेकिन इसके बावजूद कोटे का खाद्यान्न वितरित नहीं किया जा रहा है। पीड़ित परिवारों का जीवन चलाना मुश्किल हो गया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले में गांव के निवासी श्रीलाल आदिवासी ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उनसे एक साथ तीन बार ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगवा लिया गया, लेकिन हक का राशन एक बार भी नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी शिकायत की कि इससे पहले भी उन्हें तय मात्रा से प्रति क्विंटल तीन किलो तक कम राशन दिया जाता रहा है और साथ ही कोटे की मिलने वाली चीनी व नमक जैसी सामग्रियां भी पूरी तरह गायब हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजनपद सदस्य ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे प्रकरण को लेकर जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। जनपद सदस्य हरि सिंह आदिवासी ने इस पूरी प्रक्रिया को सीधे तौर पर गरीब आदिवासियों के कोटे के राशन का गबन करार दिया है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कर ग्रामीणों को उनका हक नहीं दिलाया गया, तो सभी प्रभावित आदिवासी परिवार सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरसीद मांगने पर होती है अभद्रता, तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने बताया कि राशन वितरण के दौरान उन्हें कभी भी किसी प्रकार की रसीद नहीं दी जाती है। जब भी कोई उपभोक्ता पारदर्शिता के लिए पर्ची या हिसाब मांगता है, तो सेल्समैन द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदुकानदार की मनमानी से तंग आकर ग्रामीणों ने एकजुट होकर खनियांधाना के तहसीलदार को एक औपचारिक आवेदन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने तत्काल प्रभाव से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी सेल्समैन के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग की है। Add text below Add image below