Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले में सहरिया क्रांति से जुड़ी आदिवासी महिलाओं ने अवैध शराब की बिक्री से त्रस्त होकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। महिलाएं बोरी में भरकर कच्ची शराब लाईं और प्रशासन के सामने विरोध जताते हुए सप्लाई रोकने की मांग की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-949cba54
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ महिलाओं का गुस्सा बुधवार को खुलकर सामने आया। सहरिया क्रांति संगठन से जुड़ी बड़ी संख्या में आदिवासी महिलाएं हाथों में शराब से भरे बोरे लेकर कलेक्ट्रेट पहुंच गईं। इस दौरान महिलाओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी पीड़ा जाहिर की। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअपर कलेक्टर के सामने उड़ेल दी शराब Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला के समक्ष कलेक्ट्रेट की दहलीज पर ही बोरी में लाई गई संदिग्ध कच्ची शराब को उड़ेल दिया। महिलाओं का आरोप है कि उनके गांवों में धड़ल्ले से अवैध शराब बेची जा रही है, जिससे पारिवारिक और सामाजिक ताना-बाना बिगड़ रहा है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिलाओं ने अधिकारियों से सवाल किया कि यदि रात के अंधेरे में बोरे भरकर शराब गांवों तक पहुंच सकती है, तो आबकारी और पुलिस प्रशासन इस अवैध सप्लाई को रोकने में क्यों नाकाम साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि नशे की इस लत का सबसे बुरा असर घरों के बच्चों और युवाओं पर पड़ रहा है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरात 4 बजे की निगरानी, तस्कर को पकड़ा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिलाओं ने इस कार्रवाई के पीछे की कहानी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने भोर में करीब 4 बजे से निगरानी शुरू की थी। उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में शराब की खेप पहुंचाई जा रही है। इसके बाद ग्रामीण महिलाएं घरों से बाहर निकलीं और उन्होंने शराब लेकर आए एक व्यक्ति को दबोच लिया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने पकड़ी गई संदिग्ध कच्ची शराब को मौके पर नष्ट करने के बजाय प्रशासनिक अधिकारियों को सच्चाई दिखाने का निर्णय लिया। सुबह होते ही वे इन बोरों को लेकर सीधे जिला मुख्यालय आ गईं ताकि अफसरों को हालात की गंभीरता का अंदाजा हो सके। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआबकारी टीम ने लिया सैंपल, एसपी ऑफिस में उठाई मांग Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिलाओं के पास लाई गई संदिग्ध शराब को देखकर अपर कलेक्टर ने तुरंत आबकारी विभाग की टीम को मौके पर बुलाया। अधिकारियों ने शराब के नमूने लेकर जांच के आदेश दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह किस प्रकार का पदार्थ है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्ट्रेट के बाद महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर भी प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि केवल छोटे विक्रेताओं पर कार्रवाई करने के बजाय शराब बनाने वालों और मुख्य सप्लायरों के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाना चाहिए। साथ ही गांवों में नियमित गश्त बढ़ाने की भी मांग की गई ताकि महिलाएं अपने बच्चों और परिवारों को नशे की गिरफ्त से बचा सकें। Add text below Add image below