Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryतेंदुआ शिकार से जुड़ी जांच के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने वाइल्ड-लाइफ एसओएस के सीईओ कार्तिक सत्यनारायण को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक बहाल करते हुए उन्हें आगामी 28 सितंबर को शिवपुरी में वन अधिकारियों के समक्ष उपस्थित होने के आदेश दिए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-926bd67d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स यानी एसटीएसएफ द्वारा की जा रही तेंदुआ शिकार के कथित प्रकरण की जांच में वाइल्ड लाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कार्तिक सत्यनारायण को सर्वोच्च न्यायालय से राहत मिल गई है। शीर्ष अदालत ने उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी अंतरिम सुरक्षा को फिर से बहाल कर दिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशीर्ष अदालत ने दिए जांच में सहयोग के निर्देश Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय के निर्देशों के मुताबिक, कार्तिक सत्यनारायण को 28 सितंबर को सुबह 11 बजे शिवपुरी पहुंचकर वन विभाग के अधिकारियों के सामने पेश होना होगा। साथ ही उन्हें इस पूरी जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग करने को कहा गया है। न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किए हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने स्पष्ट किया है कि उसने इस मामले के गुण-दोष पर अपनी कोई राय व्यक्त नहीं की है। इसके अलावा, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के दो सितंबर के आदेश को तब तक जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं जब तक कि संबंधित याचिकाओं का पूर्ण निपटारा नहीं हो जाता। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआगरा से जुड़े खाल जब्ती प्रकरण से है मामला Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा कानूनी मामला उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में दस तेंदुओं की खाल बरामद होने के बाद शुरू हुई पड़ताल से जुड़ा हुआ है। इस जब्ती के बाद मध्य प्रदेश एसटीएसएफ ने इन खालों के तार मध्य प्रदेश से जुड़े होने के बिंदुओं पर अपनी छानबीन शुरू की थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस जांच के दायरे में वन्यजीवों का कथित शिकार, उनके अंगों की खरीद-फरोख्त और एक स्थान से दूसरे स्थान पर उनका परिवहन करने जैसे गंभीर पहलू शामिल किए गए हैं। इसी सिलसिले में एसटीएसएफ द्वारा कार्तिक सत्यनारायण को पूछताछ के वास्ते नोटिस जारी किए गए थे। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर बेंच के आदेश के बाद पहुंचे थे सुप्रीम कोर्ट Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने कार्तिक सत्यनारायण को मिली गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा को समाप्त कर दिया था और उन्हें जांच में शामिल होने के आदेश दिए थे। इसी आदेश के खिलाफ वह उच्चतम न्यायालय की शरण में गए थे। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंस्था वाइल्डलाइफ एसओएस की ओर से भी इस मामले की जांच में हरसंभव सहयोग किए जाने की बात कही जा चुकी है। अब सर्वोच्च अदालत के ताजा निर्देशों के बाद आगामी 28 सितंबर को शिवपुरी में होने वाली पेशी और पूछताछ इस पूरे घटनाक्रम में बेहद अहम मानी जा रही है। Add text below Add image below