Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग अंतर्गत उन्हाई गांव में अनंत चौदस पर दांगी ठाकुर बाबा का मेला लगा। इस आयोजन में तीस हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर मन्नतें मांगी और भभूति ग्रहण की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-7e84cbb0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअनंत चौदस पर उमड़ा आस्था का सैलाब Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के तेंदुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उन्हाई गांव में गुरुवार को अनंत चौदस के पावन अवसर पर पारंपरिक मेले का आयोजन किया गया। स्थानीय स्तर पर लगने वाले इस प्रसिद्ध मेले में क्षेत्र के कोने-कोने से तीस हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में भक्तों की भारी भीड़ नजर आई। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटाइफाइड से राहत की है पुरानी मान्यता Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्हाई गांव में स्थित दांगी ठाकुर बाबा का यह प्राचीन मंदिर लोगों की गहरी आस्था का केंद्र है। स्थानीय लोगों की मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान पर आने और बाबा की भभूति लगाने से मोतीझरा यानी टाइफाइड जैसी गंभीर बीमारी में भी काफी आराम मिलता है। इसी अटूट विश्वास के कारण हर साल अनंत चौदस के मौके पर यहां भारी जनसैलाब जुटता है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने सबसे पहले मंदिर में प्रवेश कर नारियल व प्रसाद अर्पित किया। इसके पश्चात उन्होंने विधि-विधान के साथ मंदिर की परिक्रमा पूरी की। परंपरा के अनुसार, बीमारी के दौरान हाथ या शरीर पर बांधा जाने वाला विशेष धागा परिक्रमा करने के बाद कट जाता है, जिसे रोग मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुरक्षा के बीच संपन्न हुआ धार्मिक आयोजन Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पारंपरिक मेले में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। दिनभर चली पूजा-पाठ और दर्शन की प्रक्रिया से पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। भक्तों ने बाबा के दरबार में माथा टेककर अपने परिवार के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना को भांपते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल सुबह से ही पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। भीड़ को नियंत्रित रखने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेला क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। Add text below Add image below