Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryतेंदुआ शिकार मामले में वाइल्डलाइफ एसओएस के संचालक कार्तिक सत्यनारायण से एसटीएसएफ की टीम ने शिवपुरी में लगभग साढ़े नौ घंटे तक पूछताछ की। कार्तिक ने खुद पर लगे तमाम आरोपों को खारिज करते हुए इसे एक गहरी साजिश करार दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-6dfc6454
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी में एसटीएसएफ के समक्ष पेश हुए कार्तिक सत्यनारायण Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले में सामने आए चर्चित तेंदुआ शिकार मामले की जांच में नया मोड़ आ गया है। इस सिलसिले में वाइल्डलाइफ एसओएस के प्रमुख कार्तिक सत्यनारायण सोमवार को विशेष कार्य बल (एसटीएसएफ) के कार्यालय पहुंचे। वन विभाग की जांच एजेंसी ने उनसे इस मामले में मैराथन पूछताछ की। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्तिक से यह पूछताछ सुबह करीब 11 बजे शुरू हुई थी, जो लंबी प्रक्रिया के बाद रात लगभग 8:30 बजे तक चली। इस दौरान जांच अधिकारियों ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, तेंदुए के शिकार और इस प्रकरण से जुड़े तमाम तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से सवाल-जवाब किए। हालांकि, जांच एजेंसी की तरफ से अभी तक पूछताछ के ब्योरे को लेकर कोई आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकार्तिक ने आरोपों को नकारा, साजिश होने का किया दावा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यालय से बाहर आने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कार्तिक सत्यनारायण ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को एक गहरी साजिश बताया और कहा कि वह खुद इस बात का पता लगाने में जुटे हैं कि इस षड्यंत्र के पीछे आखिर किसका हाथ है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपनी संस्था और कर्मचारियों का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी टीम हमेशा कानून के दायरे में रहकर काम करती है। कार्तिक के अनुसार वे पिछले करीब तीन दशकों से वन्यजीवों की रक्षा के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं और उनकी संस्था पर लगे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवकील ने कहा, जांच में मिल रहा है पूरा सहयोग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्तिक सत्यनारायण के साथ मौजूद रहे सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रोहित भारद्वाज ने मीडिया को जानकारी दी कि उनके मुवक्किल जांच में पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी जब भी समन करेगी, कार्तिक पूछताछ के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार की लंबी पूछताछ के बाद अब मंगलवार को भी कार्तिक सत्यनारायण को एसटीएसएफ के समक्ष पेश होना है। एजेंसी उनसे दोबारा पूछताछ करेगी। इस प्रकरण में एसटीएसएफ की आगामी कार्रवाई और साक्ष्यों के संकलन के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। Add text below Add image below