Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले की कोलारस, बदरवास और लुकवासा उपमंडियों में इन दिनों मक्का बेचने के लिए किसानों की भारी भीड़ उमड़ रही है। बेहतर उत्पादन और 2600 रुपये तक के दाम मिलने से अन्नदाताओं की इस बार की दीपावली बेहद खास होने जा रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-2246e946
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के कृषि बाज़ारों में इस समय मक्के की बंपर आवक देखने को मिल रही है, जिससे स्थानीय किसानों में दीपावली का उत्साह दोगुना हो गया है। कोलारस, बदरवास और लुकवासा की उपमंडियों में सुबह से ही किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का तांता लग रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकम बोवनी के बावजूद हुआ रिकॉर्ड उत्पादन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस वर्ष हाइब्रिड बीजों के इस्तेमाल और कम लागत में बेहतर मुनाफे के चलते मक्के का बंपर उत्पादन दर्ज किया गया है। हैरानी की बात यह है कि इस बार निर्धारित लक्ष्य से 31 प्रतिशत कम बोवनी होने के बावजूद किसानों की बंपर फसल तैयार हुई है, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसोयाबीन को पीछे छोड़ मक्का बना किसानों की पहली पसंद Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकभी 'पीले सोने' यानी सोयाबीन की फसल के लिए अपनी पहचान रखने वाले इस इलाके में अब पूरी तस्वीर बदल चुकी है। क्षेत्र में मक्के का रकबा जो कभी मात्र 17 हजार हेक्टेयर हुआ करता था, वह अब बढ़कर 90 हजार हेक्टेयर के आंकड़े को पार कर चुका है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमंडी परिसर फुल, हाईवे पर लगी ट्रॉलियों की कतारें Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदीपावली के पर्व से ठीक पहले लुकवासा, बदरवास और कोलारस मंडियों में कृषि उपज का भारी मेला लगा हुआ है। हालात यह हैं कि इन मंडियों में रोजाना 2 हजार से अधिक ट्रॉलियों की नीलामी की जा रही है। मंडी परिसर में जगह कम पड़ने के कारण अब फोरलेन हाईवे के दोनों किनारों पर ट्रॉलियों की लंबी कतारें खड़ी नजर आ रही हैं। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलुकवासा मंडी प्रभारी अरविंद दुबे के अनुसार, इन दिनों किसानों को उनकी उपज के काफी अच्छे दाम मिल रहे हैं। बाज़ार में मक्के की क्वालिटी के आधार पर न्यूनतम 1,800 रुपये से लेकर अधिकतम 2,600 रुपये प्रति क्विंटल तक के भाव मिल रहे हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और उनके चेहरे खिले हुए हैं। Add text below Add image below