Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले के कफार गांव में आदिवासी महिलाओं ने अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रशासन की अनदेखी से परेशान होकर महिलाओं ने हाथों में लाठियां लेकर शराब बनाने के ठिकानों को ध्वस्त कर दिया और कच्ची शराब व महुआ सड़क पर फेंक दिया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-story-188db344
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र अंतर्गत कफार गांव में, जिसकी आबादी लगभग 2,000 है, आदिवासी महिलाओं ने अवैध रूप से चल रहे कच्ची शराब के कारोबार के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा। बीते गुरुवार को एकजुट होकर महिलाओं ने हाथों में लाठियां लेकर गांव में संचालित कई शराब के ठिकानों पर धावा बोल दिया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहिलाओं का आक्रोश और कार्रवाई Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान, महिलाओं ने शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को पूरी तरह नष्ट कर दिया। उन्होंने तैयार कच्ची शराब और महुआ को सड़कों पर फेंक दिया, जिससे अवैध कारोबारियों को भारी नुकसान हुआ। घटना के कई वीडियो सामने आए हैं, जिनमें महिलाएं लाठियों से शराब बनाने के उपकरणों को तोड़ती हुई साफ देखी जा सकती हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिलाओं का आरोप है कि कफार गांव में कई वर्षों से खुलेआम कच्ची शराब का निर्माण और बिक्री हो रही है। इस आसानी से उपलब्ध शराब के कारण गांव के पुरुष नशे की लत में फंस रहे हैं, जिससे परिवारों में आए दिन झगड़े, घरेलू हिंसा और मारपीट जैसी घटनाएं बढ़ गई हैं। कई परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और घरों का शांतिपूर्ण माहौल लगातार बिगड़ता जा रहा है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीण महिलाओं ने बताया कि उन्होंने इस अवैध कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग और पुलिस से कई बार शिकायतें की थीं। हालांकि, उनकी शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। प्रशासन की इस निष्क्रियता से निराश होकर महिलाओं ने स्वयं ही इस समस्या से निपटने का फैसला किया और शराब के ठिकानों पर कार्रवाई की। महिलाओं के अनुसार, वीरन आदिवासी और जितेंद्र समेत तीन से चार जगहों पर शराब बनाई जा रही थी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिलाओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में गांव में दोबारा कच्ची शराब बनाने का काम शुरू हुआ, तो वे फिर से एकजुट होकर इसी तरह का विरोध प्रदर्शन करेंगी और अवैध शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर चलने नहीं देंगी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसामाजिक पहल और पुलिस का बयान Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस घटना से चार दिन पहले, 12 जुलाई को आदिवासी सहरिया संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि आदिवासी समाज का कोई भी व्यक्ति गांव में शराब का सेवन नहीं करेगा, और यदि कोई ऐसा करता पाया गया, तो उसे 5100 रुपये का आर्थिक दंड भुगतना होगा। बैठक में यह भी तय हुआ था कि समिति के सदस्य शराब पीने वालों के साथ-साथ कच्ची शराब बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले पर खनियाधाना थाना प्रभारी केदार सिंह यादव का कहना है कि उन्हें इस घटना की जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि ऐसी कोई घटना हुई है, तो वे तुरंत पुलिस बल को गांव भेजकर मामले की जांच कराएंगे। Add text below Add image below