Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले के सुमेला गांव में अचानक हुई तेज बारिश के कारण किसान रंजीत यादव की मक्का की फसल का एक बड़ा हिस्सा बह गया। घर के बाहर सुखाई जा रही 140 क्विंटल फसल में से आधी बर्बाद हो गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-70-1a240de4
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुमेला गांव में अचानक बदला मौसम का मिजाज Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले के कोलारस विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सुमेला गांव में रविवार शाम को अचानक मौसम बिगड़ गया। तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दीं। इस अचानक आए संकट से स्थानीय किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteघर के बाहर सुखाई गई थी मक्का की उपज Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगांव के रहने वाले किसान रंजीत यादव ने अपनी मक्का की फसल को सुखाने के लिए घर के बाहर फैला रखा था। कुल 140 क्विंटल मक्का वहां सुख रही थी, जिसे बेचने की तैयारी चल रही थी। शाम करीब पांच बजे अचानक शुरू हुई भारी बारिश के चलते पानी का तेज बहाव आया और देखते ही देखते लगभग 70 क्विंटल मक्का बहकर पास के नाले में चली गई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों की मदद से बचाई गई शेष फसल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआपदा के वक्त मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए मदद की और किसी तरह बाकी बची हुई मक्का को बहने से बचाया। पानी के तेज बहाव के कारण कुछ मक्का तो पास की हाईवे पुलिया में जाकर फंस गई थी, जिसे बाद में निकाला गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित किसान रंजीत यादव ने बताया कि इस सीजन में मक्का की बंपर पैदावार हुई थी और बाजार में भी इसके अच्छे दाम मिलने की उम्मीद थी। किसान इस बात से बेहद खुश थे कि उनकी मेहनत का उन्हें उचित मेहनताना मिलेगा, लेकिन प्रकृति के इस अचानक प्रकोप ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। Add text below Add image below