Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले के सुजवाया गांव में प्रशासन द्वारा एक साल पहले अतिक्रमण मुक्त कराई गई 40 बीघा वन भूमि पर दोबारा अवैध जुताई शुरू हो गई है। स्थानीय वन अमले की सुस्ती के चलते इस बहुमूल्य जमीन की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-40-aba442e9
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले की कोलारस तहसील के अंतर्गत आने वाले सुजवाया गांव में प्रशासन की सख्ती को ठेंगा दिखाते हुए सरकारी जमीन पर एक बार फिर अवैध कब्जा करने का मामला सामने आया है। यहां लगभग एक साल पहले ही भारी भरकम अमले ने कार्रवाई कर करीब 40 बीघा वन भूमि को अतिक्रमण से आजाद कराया था, जिस पर अब दोबारा ट्रैक्टर चलाकर खेती की तैयारी की जा रही है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजुलाई 2025 में हुई थी संयुक्त कार्रवाई Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा मामला सेसई बीट के तहत हाथीगढ़ा नाले के पास स्थित वन भूमि से जुड़ा हुआ है। पिछले साल जुलाई 2025 के दौरान तत्कालीन कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी, एसडीएम और वन विभाग के अधिकारियों ने मिलकर संयुक्त रूप से एक बड़ा अभियान चलाया था। इस अभियान में लगभग 40 बीघा बेशकीमती जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया गया था और उस वक्त यह निर्देश दिए गए थे कि इस भूमि पर दोबारा किसी प्रकार का अतिक्रमण न होने पाए। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक दावे और सख्त निर्देशों के बावजूद महज एक साल के भीतर ही स्थिति जस की तस हो गई है। जमीन पर दोबारा अवैध रूप से ट्रैक्टर चलाकर जुताई कर दिए जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि भू-माफियाओं और अवैध कब्जाधारियों के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय वन अमले की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस ताजा घटनाक्रम के सामने आने के बाद सेसई बीट के रेंजर गोपाल सिंह जाटव और संबंधित बीट गार्ड की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों और जानकारों का कहना है कि जब इतनी बड़ी तादाद में वन भूमि पर जुताई की जा रही थी, तब मैदानी अमला कहां था और समय रहते इस गैरकानूनी गतिविधि को क्यों नहीं रोका गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनियमों के मुताबिक, एक बार जब प्रशासन किसी जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा देता है, तो उसकी निरंतर सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित वन विभाग की होती है। इसके बावजूद उसी भूमि पर दोबारा कब्जा होना विभागीय लापरवाही को साफ तौर पर उजागर करता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडीएफओ ने दिए सख्त कार्रवाई और प्लांटेशन के निर्देश Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूरे मामले को लेकर डीएफओ सुधांशु यादव ने जानकारी दी है कि जुलाई 2025 में इस वन भूमि को अमले द्वारा अतिक्रमण मुक्त करवाया गया था। उन्होंने स्वीकार किया कि अब यह मामला उनके संज्ञान में आया है कि उक्त जमीन पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडीएफओ ने स्पष्ट किया है कि विभाग इस गंभीर मामले में त्वरित और कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा। साथ ही यह भी योजना बनाई जा रही है कि इस खाली कराई गई जमीन पर जल्द से जल्द पौधे रोपे जाएं ताकि भविष्य में यहां दोबारा कोई अवैध कब्जा न कर सके। Add text below Add image below