Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी के अस्पताल में डॉक्टरों ने तीन घंटे लंबी ओपन सर्जरी कर 14 वर्षीय किशोरी के पेट से बालों का विशाल गुच्छा निकाला है। यह गुच्छा पेट के 90 प्रतिशत हिस्से को घेरते हुए छोटी आंत तक पहुंच गया था और लंबे समय से उसे स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां दे रहा था।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-14-a5b6b6a1
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के शिवपुरी जिले से एक हैरान कर देने वाला मेडिकल मामला सामने आया है। यहां के श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के चिकित्सकों ने एक चौदह वर्षीय किशोरी के पेट का सफल ऑपरेशन किया है। डॉक्टरों ने किशोरी के पेट से लगभग 16 गुणा 14 सेंटीमीटर आकार का बालों का एक भारी गुच्छा बाहर निकाला है, जिसे मेडिकल भाषा में ट्राइकोबेजोआर कहा जाता है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलगातार दर्द और कमज़ोरी से थी परेशान Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में भर्ती होने से पहले इस किशोरी को पिछले कई महीनों से पेट में तीव्र दर्द, उल्टी होने, पेट हर वक्त भरा रहने और भूख में कमी की गंभीर शिकायतें थीं। स्वास्थ्य बिगड़ने पर उसे ग्यारह सितंबर को सर्जरी विभाग के अंतर्गत भर्ती कराया गया था। शुरुआती जांच में सामने आया कि उसका हीमोग्लोबिन स्तर गिरकर मात्र 7.8 ग्राम रह गया था, जिसके चलते चिकित्सकों ने उसे उपचार के दौरान दो यूनिट रक्त भी चढ़ाया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीटी स्कैन के बाद ओपन सर्जरी का फैसला Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने सीटी स्कैन कराया, जिसमें पेट के भीतर अत्यधिक बड़े आकार के बालों के गुच्छे की मौजूदगी और साथ ही आंत में छेद होने की आशंका का पता चला। स्थिति की जटिलता को भांपते हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने तुरंत ओपन सर्जरी करने का निर्णय लिया। यह बालों का गुच्छा पेट के लगभग नब्बे प्रतिशत हिस्से को जकड़े हुए था और छोटी आंत तक पहुंच चुका था। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन संस्थान की अधिष्ठाता डॉ. ईला गुजारिया के मार्गदर्शन तथा सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. अनंत राखोंडे के नेतृत्व में अंजाम दिया गया। इस जटिल प्रक्रिया को पूरा करने वाली सर्जिकल टीम में प्रोफेसर डॉ. सौरभ चौहान, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कौशलेन्द्र सिंह नरवरिया और पीजी छात्र डॉ. महेश पाटीदार शामिल रहे। इसके अलावा एनेस्थीसिया विभाग की अध्यक्ष डॉ. प्रियंका गुप्ता की निगरानी में यह पूरी सर्जरी करीब तीन घंटे तक चली। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचिकित्सकों ने बताई बालों के जमने की वजह Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉक्टरों के अनुसार, मानवीय शरीर में बाल पच नहीं पाते हैं। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक बाल निगलने की आदत से ग्रस्त रहता है, तो वे पेट में इकट्ठे होकर धीरे-धीरे एक ठोस रूप ले लेते हैं। इस मामले में भी यही स्थिति थी, जिसे एंडोस्कोपी से निकालना संभव नहीं था, इसलिए डॉक्टरों को चीरफाड़ यानी ओपन सर्जरी का सहारा लेना पड़ा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह समस्या अक्सर ट्राइकोटिलोमेनिया यानी बाल खींचने और ट्राइकोफेजिया यानी बाल खाने की आदत से जुड़ी होती है, जिसके पीछे मानसिक तनाव भी एक मुख्य कारण हो सकता है। सफल ऑपरेशन के बाद अब मरीज की सेहत पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। Add text below Add image below