Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही का एक मामला सामने आया है। 108 एम्बुलेंस के समय पर न पहुंचने के कारण एक आदिवासी महिला को सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म देना पड़ा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/shivpuri-108-d7ac1d14
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिवपुरी जिले की बैराड़ तहसील में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली एक बार फिर उजागर हुई है। 108 एम्बुलेंस के समय पर न पहुंचने के कारण प्रसव पीड़ा से गुजर रही एक आदिवासी महिला को सड़क किनारे ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। घटना की जानकारी मिलने पर तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस तुरंत मौके पर पहुंचे। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्राप्त जानकारी के अनुसार, राजपुरा (टपरा) की निवासी संजू आदिवासी को बुधवार शाम को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार के सदस्यों ने तत्काल 108 एम्बुलेंस सेवा को सूचित किया, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। दर्द असहनीय होने पर, परिजन महिला को बारिश के बावजूद मोटरसाइकिल से बैराड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाने के लिए मजबूर हुए। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगोन्दोलीपुरा के समीप पहुंचते ही संजू की प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई, जिसके कारण परिजनों को सड़क किनारे ही रुकना पड़ा। इसी बीच, बैराड़ निवासी धीरज ओझा ने वहां से गुजरते हुए यह स्थिति देखी और तुरंत तहसीलदार को घटना की जानकारी दी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलदार ने की मदद, जच्चा-बच्चा सुरक्षित Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसूचना मिलते ही तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस घटनास्थल पर पहुंचे। हालांकि, उनके पहुंचने से पहले ही रात लगभग 8:45 बजे महिला ने सड़क किनारे एक स्वस्थ नवजात को जन्म दे दिया था। इसके उपरांत, तहसीलदार ने अपनी शासकीय गाड़ी से मां और नवजात शिशु सहित परिजनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। परिवार के अन्य सदस्य मोटरसाइकिल से अस्पताल पहुंचे। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने मां और शिशु की जांच की। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि दोनों की हालत पूरी तरह से स्थिर और स्वस्थ है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर प्रश्नचिह्न Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि यदि 108 एम्बुलेंस समय पर उपलब्ध हो जाती, तो महिला को सड़क किनारे प्रसव जैसी आपातकालीन और जोखिमपूर्ण स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से ग्रामीण इलाकों में एम्बुलेंस सेवाओं और समग्र स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की पुरजोर मांग की है। Add text below Add image below