Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय में कार्रवाई के विरोध में डेढ़ सौ से अधिक छात्रों ने खुद को हॉल में बंद कर लिया। करीब आठ घंटे चली प्रशासनिक मशक्कत के बाद रात दस बजे छात्रों को समझाकर बाहर निकाला गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-e282a0c9
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हॉस्टल के डेढ़ सौ से अधिक विद्यार्थियों ने अनुशासनिक कार्रवाई के डर से कड़ा विरोध जताया। छात्रों ने खुद को भवन की दूसरी मंजिल के एक हॉल में बंद कर लिया और मौके पर कलेक्टर को बुलाकर बात करने की जिद पर अड़े रहे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआठ घंटे तक चली प्रशासनिक समझाइश Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल, तहसीलदार, एसडीएम और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों को शांत कराने का लंबा प्रयास किया जो करीब आठ घंटे तक लगातार चलता रहा। अंततः रात लगभग दस बजे प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्रों ने दरवाजा खोला और विरोध प्रदर्शन समाप्त किया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमोबाइल मिलने और तोड़फोड़ से शुरू हुआ विवाद Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे विवाद की जड़ दो दिन पुरानी वह घटना है जब हॉस्टल परिसर में मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इसके बाद शनिवार की रात को हॉस्टल की बिजली गुल होने और वहां तोड़फोड़ होने का मामला सामने आया। स्कूल प्रबंधन ने इस घटना के लिए दस से बारह छात्रों को चिन्हित किया और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। इसी कार्रवाई से बचने के लिए सोमवार दोपहर करीब दो बजे छात्रों ने यह कदम उठाया। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखिड़की से हुई चर्चा और लिखित आश्वासन की मांग Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteछात्रों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। तहसीलदार को सीढ़ी लगाकर दूसरी मंजिल की खिड़की तक पहुंचना पड़ा। कलेक्टर शीला दाहिमा के निर्देश पर पहुंचे अमले से छात्रों ने आशंका जताई कि अधिकारियों के जाने के बाद प्रबंधन उनके साथ मारपीट कर सकता है। चेहरा ढंककर बातचीत कर रहे विद्यार्थियों ने मांग रखी कि उन्हें पहले लिखित में सुरक्षा और कार्रवाई न करने का भरोसा दिया जाए। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभोजन और सुविधाओं पर सवाल, प्राचार्य की गैरमौजूदगी पर गुस्सा Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में उन्हें घटिया स्तर का भोजन मिलता है और साफ-सफाई के हालात भी बेहद खराब हैं। इन अव्यवस्थाओं की शिकायत करने पर प्रबंधन उनसे रंजिश रखता है और बिना कसूर के भी उन्हें फंसाया जा रहा है। छात्रों में सबसे ज्यादा रोष प्राचार्य की अनुपस्थिति को लेकर था, क्योंकि दिनभर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी आते रहे लेकिन प्राचार्य नजर नहीं आए। रात नौ बजे प्राचार्य के आने के बावजूद छात्र कलेक्टर से बात करने की मांग पर अड़े रहे और अंततः रात दस बजे प्रशासनिक दखल के बाद ही मामला शांत हुआ। Add text below Add image below