Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकराहल ब्लॉक के सेसईपुरा गांव में प्रसव केंद्र पर ताला मिलने के कारण एक महिला को ट्रैक्टर-ट्रॉली में ही बच्चे को जन्म देना पड़ा। गनीमत रही कि जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं और उन्हें बाद में अस्पताल पहुंचाया गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-97eec300
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के श्योपुर जिले के कराहल ब्लॉक से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली का एक ताजा मामला सामने आया है। यहां मंगलवार की सुबह एक प्रसूता को समय पर चिकित्सीय सहायता नहीं मिल पाई, जिसके चलते उसे गंभीर हालातों से गुजरना पड़ा। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रसव केंद्र पर जड़ा मिला ताला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचकराना गांव की रहने वाली काजल आदिवासी को मंगलवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत वाहन का इंतजाम किया और महिला को सेसईपुरा के स्थानीय प्रसव केंद्र लेकर पहुंचे। लेकिन जब वे वहां पहुंचे तो मुख्य द्वार पर ताला लटका हुआ मिला और केंद्र पर कोई भी स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकेंद्र बंद होने और मौके पर किसी डॉक्टर या नर्स के न मिलने के कारण परिजनों की मुश्किलें बढ़ गईं। मदद न मिलने की स्थिति में काजल ने केंद्र के बाहर खड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली के भीतर ही एक शिशु को जन्म दिया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएंबुलेंस की मदद से पहुंचाया गया कराहल अस्पताल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की जानकारी मिलने के बाद एंबुलेंस बुलाई गई, जिसकी सहायता से जच्चा और नवजात शिशु को तुरंत कराहल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की सेहत फिलहाल स्थिर है और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय निवासियों का कहना है कि सेसईपुरा का यह प्रसव केंद्र अक्सर वीरान रहता है। आपात स्थिति में यहां कोई स्टाफ नहीं मिलता, जिसके कारण ग्रामीणों को मजबूरन प्रसव के लिए लंबी दूरी तय कर कराहल या जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्टाफ के ट्रांसफर के बाद से खाली है केंद्र Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सेसईपुरा के सीएचओ राज बिहारी ने बताया कि केंद्र पर इस समय डिलीवरी के लिए कोई स्टाफ तैनात नहीं है। यहां पदस्थ स्टाफ नर्स गीता का जुलाई-अगस्त के दौरान अन्यत्र ट्रांसफर हो चुका है, जिसके बाद से यह पद खाली चल रहा है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, कराहल के बीएमओ सौरभ सिंह का कहना है कि सेसईपुरा केंद्र आधिकारिक रूप से डिलीवरी पॉइंट नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला के परिजन उसे वहां ले गए थे, लेकिन रास्ते या केंद्र परिसर में ही प्रसव हो गया, जिसके बाद सीएचओ की मदद से महिला को एंबुलेंस से कराहल भेज दिया गया था। Add text below Add image below