Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में नामीबिया से लाए गए 10 साल से अधिक उम्र के चीते गौरव की मौत हो गई है। जंगल में सुस्त मिलने के बाद उसका इलाज चल रहा था, जिसके बाद अब देश में कुल चीतों की संख्या 55 रह गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-78bc1966
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से एक बार फिर वन्यजीव प्रेमियों के लिए दुखद खबर सामने आई है। यहां नामीबिया से लाए गए वयस्क चीते गौरव ने सोमवार शाम करीब चार बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पार्क प्रबंधन के अनुसार गौरव की उम्र दस वर्ष से अधिक थी और उसे कुछ दिन पूर्व ही जंगल में सुस्त हालत में देखा गया था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजंगल में कमजोर और सुस्त मिला था चीता Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों ने बताया कि गत 12 सितंबर को गौरव जंगल के भीतर बेहद कमजोर और सुस्त अवस्था में पाया गया था। उसकी शारीरिक स्थिति को देखते हुए फौरन उसे रेस्क्यू कर लिया गया और पालपुर स्थित क्वारेंटाइन बोमा में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों की टीम ने उसकी शुरुआती मेडिकल जांच की, जिसमें उसकी मांसपेशियां काफी कमजोर पाई गईं और वह गंभीर डिहाइड्रेशन से भी जूझ रहा था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडॉक्टरों की निगरानी के बावजूद नहीं बची जान Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकूनो प्रबंधन के मुताबिक, रेस्क्यू के बाद से ही लगातार विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में उसका इलाज किया जा रहा था। डॉक्टरों को उसके किसी पुरानी या गंभीर बीमारी से पीड़ित होने की भी आशंका थी। हालांकि तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी सेहत में कोई सुधार दर्ज नहीं किया गया और सोमवार को उसकी मौत हो गई। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफिलहाल वन्यजीव अधिकारियों का कहना है कि गौरव की मौत के असल कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं हो सका है। मौत के उपरांत उसकी विधिक प्रक्रिया के तहत पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और विसरा समेत अन्य जरूरी सैंपल भी सुरक्षित एकत्र किए गए हैं। इन सभी जांच रिपोर्टों के आने के बाद ही मौत की पुख्ता वजह सामने आ सकेगी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअब देश में बचे कुल 55 चीते Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरव के निधन के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में चीतों की कुल संख्या घटकर 51 रह गई है, जिनमें से 36 चीतों का जन्म भारत में ही हुआ है। कूनो के भीतर वर्तमान में 16 चीते खुले जंगल में स्वतंत्र रूप से विचर रहे हैं। इसके अलावा गांधी सागर अभयारण्य में 4 चीते मौजूद हैं, जिन्हें मिलाकर अब पूरे देश में कुल 55 चीते शेष बचे हैं। Add text below Add image below