Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले के रघुनाथपुर स्थित शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में शनिवार शाम दो कमरों की छत भरभराकर गिर गई। गनीमत यह रही कि घटना के वक्त स्कूल बंद था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-7549a4c6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले के अंतर्गत आने वाले रघुनाथपुर के शासकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय में शनिवार शाम करीब 6 बजे एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां स्थित स्कूल भवन के दो कमरों की छत अचानक ढह गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि घटना के वक्त विद्यालय पूरी तरह बंद था और वहां कोई मौजूद नहीं था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहले से क्षतिग्रस्त थे ढहे हुए कमरे Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामने आई जानकारी के मुताबिक, स्कूल के जिन दो कमरों की छत गिरी है, उन्हें पहले ही जर्जर और क्षतिग्रस्त घोषित किया जा चुका था। खतरे से बचाने के लिए इन कमरों पर ताला भी जड़ दिया गया था ताकि छात्र-छात्राएं और शिक्षक अंदर न जा सकें। हालांकि, इन खतरनाक कमरों के बिल्कुल पास बने अन्य कक्षों में बच्चों की पढ़ाई लगातार चल रही थी, जिससे अभिभावकों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बनी हुई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quote15 अगस्त के ठीक बाद हुआ हादसा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह दुर्घटना स्वतंत्रता दिवस के दिन सुबह हुए झंडावंदन समारोह के कुछ ही घंटों बाद सामने आई। उस आयोजन में तमाम छात्राएं, शिक्षक और ग्रामीण उपस्थित थे। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यदि यह छत ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान या विद्यालय के नियमित संचालन के समय गिरती, तो एक बहुत बड़ा हादसा हो सकता था और कई मासूमों की जान खतरे में पड़ सकती थी। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के बाद स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए मांग की है कि स्कूल के बाकी बचे हुए हिस्सों की भी तुरंत तकनीकी जांच करवाई जानी चाहिए। लोगों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए जर्जर भवनों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि भविष्य में किसी भी अनहोनी को टाला जा सके। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजिम्मेदार अधिकारियों का पक्ष Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर जब बीईओ अशोक दंडोतिया से बात की गई, तो उनका कहना था कि उन्हें इस घटना की अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वे विद्यालय के प्राचार्य से इस बारे में पूरी रिपोर्ट लेने के बाद ही कुछ बता पाएंगे। बहरहाल, इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं कि जब कमरे पहले से खतरनाक घोषित थे, तो सटे हुए कमरों में पढ़ाई जारी रखने को लेकर क्या एहतियाती कदम उठाए गए थे। Add text below Add image below